Month: May 2022

सदर विधायक बदायूँ महेश चंद्र गुप्ता द्वारा किया गया नई 108 एम्बुलेंस का उदघाटन

आज जिला बदायूँ में माननीय सदर विधायक द्वारा 108 निःशुल्क एम्बुलेंस का उदघाटन किया गया। इस दौरान सी एम ओ डॉ प्रदीप वार्ष्णेय , सी एम एस डॉ रेखा रानी…

जिलाधिकारी दीपा रंजन ने सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ।

सड़क सुरक्षा जागरूकता माह के अंतर्गत बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान रैली नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गयी। रैली का शुभारंभ राजकीय इंटर कॉलेज से जिलाधिकारी…

पुलिस ऑफिस कार्यालय के सामने किसान ने आत्मदाह का किया प्रयास

लापरवाही में इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित। बदायूं। एसएसपी के दिशा निर्देश व सख्ती के बावजूद भी कुछ इंस्पेक्टर,चौकी इंचार्ज सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। चौकी इंचार्जों द्वारा…

सड़क सुरक्षा अभियान के तहत प्रभात फेरी, शपथ और पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

तहसील सहसवान के सरकारी विद्यालयों में बच्चों व शिक्षकों ने प्रभात फेरी निकालकर सड़क सुरक्षा जागरूकता का संदेश दिया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय खन्दक पर बच्चों ने सड़क सुरक्षा संबंधित पोस्टर…

मिशन शक्ति फेज 4.0 के अन्तर्गत महिला कल्याण विभाग-बदायूँ द्वारा आयोजित किये गये कैम्प/चौपाल

जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री चन्द्रभूषण सिंह ने बताया कि मिशन शक्ति फेज 4.0 के अन्तर्गत जिलाधिकारी महोदया के निर्देशानुसार जनपद के सभी न्याय पंचायतो में क्रमशः तिथिवार चौपालो/कैम्पों का आयोजन…

पत्रकारों की विभिन्न मांगों को लेकर आईरा ने एसडीएम को सौंपा आठ सूत्रीय ज्ञापन।

बदायूं जनपद के तहसील बिल्सी में सभी पत्रकारों ने मिलकर उप जिला अधिकारी को सौंपा ज्ञापन ऑल इंडिया रिपोर्टर्स एसोसिएशन जिला अध्यक्ष ठाकुर वेदपाल सिंह के नेतृत्व में जनपद की…

अवधेश राय हत्याकांड*

कड़ी सुरक्षा में पूर्व विधायक अजय राय पहुंचे कोर्ट हड़ताल के चलते नहीं हो सकी सुनवाई, अगली तिथि 23 मई वाराणसी। लगभग 31 साल पूर्व हुए चर्चित अवधेश राय हत्याकांड…

3 मई 2022 को लखनऊ में रेलवे के टीटीई विजय सिंह को गोली मारकर फिर चर्चा में आया शातिर अपराधी अजय सिंह उर्फ विजय

एक दशक पहले बनारस में ताबड़तोड़ अपराध और रंगदारी वसूल चर्चा में आया था अजय विजय लखनऊ कांड से वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस और यूपी एसटीएफ के कान खड़ें चर्चाओं के…

डाक विभाग द्वारा मेल एवं पार्सल के क्षेत्र में किये जा रहे तमाम नवाचार -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग द्वारा ग्राहक सम्मेलन का आयोजन कर नई सुविधाओं के बारे में दी गयी जानकारी वाराणसी और कैण्ट प्रधान डाकघर में होगी पार्सल पैकेजिंग यूनिट की स्थापना – पोस्टमास्टर…

यू पी:प्रदेश के सभी ग्रामीण प्राथमिक विद्यालयों में अब पाइप से होगी पेयजल आपूर्ति..

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो, उ प्र):उत्तर प्रदेश के ग्रामीण प्राथमिक विद्यालयों में भी अब पाइप से पेयजल की आपूर्ति होगी। आपरेशन कायाकल्प के तहत नवनिर्माण चल रहा है उसी के तहत ये…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!