Month: May 2022

प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा

दिनांक 13-05-2022 को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन जनपद बदायूं में संगठन के बरेली मंडल उपाध्यक्ष व बदायूं प्रभारी मुहम्मद नज़र प्रधान एवं जिला अध्यक्ष एडवोकेट दिनेश कुमार धारा…

शैलेश पाठक ने पर्यटन मंत्री से मिलकर की सरसोता को पर्यटन स्थल बनाने की मांग

ब्राह्मण क्रांति मोर्चा के अध्यक्ष डा शैलेश पाठक ने पर्यटन मंत्री उत्तर प्रदेश शासन जयवीर सिंह से मिलकर सहसवान के सरसोता एवम जमुनीखेड़ा को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग…

बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर मदरसों में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने ब्यबस्थाओं का लिया जायेज़ा

आगामी 14 मई से होने बाली मदरसा बोर्ड परीक्षाओं में अब्यबस्थाओं की चर्चा के बीच जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रुहैल आजम ने क़स्बा ककराला पहुंचकर मदरसा बोर्ड परीक्षाओं में बनाये…

मिशन शक्ति के तहत गोष्ठी का आयोजन किया गया

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद बदायूँ द्वारा पुलिस मार्डन स्कूल में “मिशन शक्ति” अभियान के अन्तर्गत सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं के संबंध में जनपद के समस्त थाना पर…

नमो नमो क्रांति फाउंडेशन के तरफ से छबील (मीठा पानी) का आयोजन किया गया

गोंडा।। नमो नमो क्रांति फाउंडेशन के तरफ से छबील (मीठा पानी) का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित मुख्य अतिथि SDM हीरालाल सीओ मुन्ना उपाध्याय जी के द्वारा किया गया ,…

नमो नमो क्रांति फाउंडेशन की ओर से जिला कासगंज में निशुल्क पीने का पानी वितरण किया गया

कासगंज।। प्रभू पार्क नदरई गेट जिला कासगंज के पास राष्ट्रीय कोर जितेन्द्र राजपूत की देखरेख में पुरुष टीम के सहयोग से निशुल्क शीतल ठंडा जल वितरण किया गया। इस अवसर…

डी .पी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “आजादी का अमृत महोत्सव” के तहत जूडो,कराटे प्रशिक्षण।

सहसवान डी .पी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “आजादी का अमृत महोत्सव” के तत्वाधान में मार्शल आर्ट द्वारा आत्मसुरक्षा के गुणों को बताया गया । डी पी महाविद्यालय में मार्शल आर्ट का…

देवराहा बाबा पब्लिक स्कूल बिसौली में ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर के अन्तर्गत बच्चों को क्ले मॉडलिंग के द्वारा विभिन्न आकृतियाँ बनाना सिखायी

श्री देवराहा बाबा पब्लिक स्कूल बिसौली में ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर के अन्तर्गत शिक्षिका श्री मती नीलम मिश्रा ने क्ले माॅडलिंग की कक्षा में क्ले के द्वारा विभिन्न आकृतियाँ बनाना सिखायी…

जायंट्स ग्रुप बिसौली स्टार्स द्वारा नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन

जायंट्स ग्रुप बिसौली स्टार्स द्वारा आवर किड्स पैराडाइज स्कूल में निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें डॉ मनोज गुप्ता एवं अभिषेक द्वारा 108 बच्चों का नेत्र परीक्षण…

यूपी:प्रदेश के सभी मदरसों में प्रार्थना के समय राष्ट्रगान किया गया अनिवार्य, मदरसा बोर्ड रजिस्ट्रार ने जारी किया आदेश…

धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो, उत्तर प्रदेश):यूपी के सभी मदरसों में गुरुवार से रोजाना राष्ट्रगान का गायन अनिवार्य कर दिया गया। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड के रजिस्ट्रार एसएन पांडे ने गत नौ…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!