Month: October 2022

आईरा संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन।

औरैया-ऑल इंडियन रिपोर्टस एसोसिएशन/आईरा प्रेस क्लब औरैया इकाई ने पुलिस अधीक्षक चारु निगम को ज्ञापन सोंपा। जिसमें करणी सेना द्वारा विजयादशमी पर बिना परमिशन औरैया सदर में रैली निकाली गई…

मिशन शक्ति के तहत छात्राओं को किया गया जागरूक

पाली(हरदोई)- मिशन शक्ति के तहत नगर के पब्लिक शिक्षा निकेतन विद्यालय में छात्राओं को सुरक्षा को लेकर जागरूक किया गया। पाली थाने की महिला पुलिसकर्मियों ने विद्यालय में मौजूद छात्राओं…

पाली नगर के ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव में श्री कृष्ण रासलीला का हुआ शुभारम्भ

पाली (हरदोई)- शुक्रवार को पाली नगर में चल रहे श्री रामलीला महोत्सव में भगवान श्री कृष्ण की रसमई लीला रासलीला का शुभारंभ हो गया जिसके प्रथम दिवस पर कार्यक्रम का…

सीओ सहित करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी बाल बाल बचे कब्रिस्तान में कूदकर बचाई जान

सहसवान : ट्रेक्टर ट्राली और केंटर की आमने सामने से जबर्दस्त भिड़ंत हो गई । गुरुवार की देर शाम करीब साढ़े सात बजे दिल्ली मेरठ राजमार्ग पर मो0 शहवाजपुर कब्रिस्तान…

बदमाशों और पुलिस के बिच मुठभेड़ भाग निकले तीन बदमाश शदानंद के दाहिने पैर मे लगी गोली असलहा कारतूस और खोखा मिला

नेशनल इंटर कॉलेज मैदान के सामने सोमवार को दिनदहाड़े अमन यादव की हत्या में नामजद केराकत जौनपुर के कटहरी निवासी शातिर अपराधी 25 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर सदानंद उर्फ झग्गड़…

डीएम ने जर्जर सड़कों पर लोक निर्माण विभाग को चेताया, बिजली विभाग से कम प्रगति को लेकर जताई नाराजगी,दिए सख्त निर्देश

हरदोई। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कलक्ट्रेट में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इसमें जिले की खराब सड़कों पर लोक निर्माण विभाग के अफसरों से नाराजगी जताई। कहा कि…

भगवान बाहरी सुंदरता पर नहीं हृदय की सुंदरता पर रीझते है ।- सर्वेश्वर शरण

अजीतमल — क्षेत्र के गांव मौहारी में शारदीय नवरात्रि के उपलक्ष में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के विश्राम दिवस पर कथा प्रवक्ता जगद्गुरु निंबार्काचार्य श्री श्रीजी महाराज के परम…

थाना भीरा पुलिस द्वारा, 03 नफर वारण्टी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया

जनपद खीरी दिनांक 05.10.2022थाना भीरा पुलिस द्वारा, 03 नफर वारण्टी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गयापुलिस अधीक्षक महोदय खीरी, श्री संजीव सुमन के निर्देशन में व अपर पुलिस अधीक्षक महोदय के…

मरने का डर, अपनों को खोने का डर, लेकिन मजबूरी मे करते हैं ट्रैक्टर ट्राली का सफर

हरदोई। मालभाड़ा वाहनों में सफर करना जिंदगी के साथ खिलवाड़ करना है। इसके बावजूद लोग यह सफर कर रहे है क्योंकि मजबूरी है। प्रत्येक मार्ग पर पर्याप्त बसें न होने…

डंपर पर चढ़ उतार रहे मौरंग ड्राइवर को लगा करंट, हुई मौत

हरदोई…….सांडी। कस्बे में गल्लामंडी के सामने मंगलवार सुबह एक दुकान के पास एचटी लाइन के नीचे खड़े डंपर पर चढ़कर मौरंग उतार रहा चालक करंट की चपेट में आ गया।…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!