Month: June 2024

लक्ष्मीकांत दीक्षित के निधन पर आयुष मंत्री ने शोक प्रकट किया॥

लक्ष्मीकांत दीक्षित के निधन पर आयुष मंत्री ने शोक प्रकट किया॥ रोहित सेठ वाराणसी प्रदेश सरकार के आयुष खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉक्टर दयाशंकर मिश्र…

योग शिविर एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया !

योग शिविर एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया ! रोहित सेठ दी इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया की वाराणसी शाखा में शाखा परिसर आई. सी. ए. आई. भवन,…

अमरनाथ यात्रियों के लिए चन्दनबाड़ी में चलेगा काशी का 24वां विशाल भंडारा॥

अमरनाथ यात्रियों के लिए चन्दनबाड़ी में चलेगा काशी का 24वां विशाल भंडारा॥ रोहित सेठ कैंप में 300 यात्रियों के ठहरने का इंतजाम, यात्री बनारसी कचौड़ी, जलेबी संग ठंडाई व पान…

युग तुलसी पार्टी ने जोगिंद्र सिंह को बनाया हरियाणा युवक संगठन का प्रदेश अध्यक्ष॥

युग तुलसी पार्टी ने जोगिंद्र सिंह को बनाया हरियाणा युवक संगठन का प्रदेश अध्यक्ष॥ रोहित सेठ वाराणसी,युग तुलसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कोली शेट्टी शिवकुमार ने छारा झज्जर हरियाणा के…

फेरी पटरी ठेला व्यवसायी समिति द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। -अभिषेक निगम॥

फेरी पटरी ठेला व्यवसायी समिति द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। -अभिषेक निगम॥ रोहित सेठ वाराणसी प्रताप पैलेस परेड कोठी में फेरी पटरी ठेला व्यवसायी समिति वाराणसी उत्तर…

काशी की आशा अग्रवाल बनी सत्र 2024-25 की नई डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन।

इनरव्हील डिस्ट्रिक्ट-312 की 40वीं डिस्ट्रिक्ट असेम्बली “अवंतिका। काशी की आशा अग्रवाल बनी सत्र 2024-25 की नई डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन। रोहित सेठ वाराणसी दुनिया की सेवा करके दुनिया को बचाएँ, मुस्कुराहटें बांटे…

संस्कृत भाषा योग की भाषा है*— कुलपति प्रो शर्मा..

संस्कृत भाषा योग की भाषा है*— कुलपति प्रो शर्मा.. रोहित सेठ शुचितापूर्ण परीक्षा कराने के लिए आज दूसरे दिन 190 महाविद्यालयों को गोपनीय प्रपत्र वितरित.॥ भारतीय ज्ञान परम्परा एवं भारतीयता…

अमर शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता की स्मृति में माथुर वैश्य समाज द्वारा रक्तदान शिविर का किया गया आयोजन॥

अमर शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता की स्मृति में माथुर वैश्य समाज द्वारा रक्तदान शिविर का किया गया आयोजन॥ रोहित सेठ वाराणसी बताते चले कि आज अखिल भारतीय माथुर वैश्य शाखा…

सामाजिक एकजुटता सर्वांगीण विकास व भागीदारी का मजबूत आधार:अशोक विश्वकर्मा॥

सामाजिक एकजुटता सर्वांगीण विकास व भागीदारी का मजबूत आधार:अशोक विश्वकर्मा॥ रोहित सेठ वाराणसी 23 जून।ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के तत्वावधान में आज दुलहीपुर स्थित कार्यालय पर आयोजित सामाजिक…

गुनगीत सिंह बग्गा को प्रदेश मंत्री के पद पर मनोनीत किया गया॥

गुनगीत सिंह बग्गा को प्रदेश मंत्री के पद पर मनोनीत किया गया॥ रोहित सेठ राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के द्वारा उत्तर प्रदेश कार्य समिति की बैठक उत्तर प्रदेश के…

You missed

सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!