Month: August 2024

सम्मान समारोह आयोजित हुआ- सामाजिक एकता समिति

आज दिनांक 18/8/2024 को आरटीओ आफिस के पास रमई पट्टी वाराणासी। डाक्टर भीमराव सामाजिक एकता समिति एवंसाथी मिशन द्वारा प्रतिभा प्रोत्साहन एवं सम्मान समारोह आयोजित हुआ जिसमे मुख्य अतिथि –मा0…

उप्र उद्योग नगर व्यापार मंडल के चुनाव कार्यक्रम में कल दिनांक 20 अगस्त को होंगे नामांकन

अध्यक्ष व महामंत्री पद के लिए होंगे नामांकन संवाददाता मोहम्मद अनस पलिया कलां जनपद लखीमपुर खीरी के तहसील पलिया के सुबह 10 बजे से 2 दो बजे तक अग्रवाल धर्मशाला…

पति ने काटी पत्नी की नाकःरक्षाबंधन पर मायके जाना चाहती थी, मना करने पर दोनों में हुआ था विवाद

संवाददाता मोहम्मद अनस हरदोई में पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद पति ने अपनी पत्नी की नाक काट दी। गंभीर हालत में युवती को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया…

ग्राहक बनकर आए युवक ने सात लाख के आभूषण उड़ाए, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात।

रिपोर्ट:_ मोहम्मद ज़ीशान तहसील प्रभारी नूरपुर (बिजनौर ) शिव मंदिर चौक के पास अग्रवाल ज्वेलर्स की दुकान में ग्राहक बनकर आए एक ठग ने करीब सात लाख के सोने के…

आदमपुर पुलिस टीम को मिलीं बड़ी सफलता

वाराणसी एडीसीपी महिला अपराध ममता रानी के कुशल नेतृत्व में आदमपुर पुलिस टीम को मिलीं बड़ी सफलता 2 माह पूर्व दो नाबालिक लड़की को बहला फुसलाकर भगा लें जाने के…

बहुआयामी समाचार(MD News) के सभी पाठकों एवं दर्शकों को भाई-बहन के अटूट प्रेम और श्रद्धा के पर्व रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं..

कच्चे धागों से बनी पक्की डोर है राखी,प्यार और मीठी शरारतों की होड़ है राखी,भाई की लंबी उम्र की दुआ है राखी,बहन के स्नेह का पवित्र प्रतीक है राखी।रक्षाबंधन 2024…

शाहजहांपुर:मनोज कुमार वर्मा,पुराना नैनीताल रेस्टोरेंट बरेली रोड शाहजहांपुर की तरफ से समस्त देशवासियों को 78वें स्वतंत्रता दिवस एवं रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं…

कुछ नशा तिरंगे की आन का हैकुछ नशा मातृभूमि की शान का हैहम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगानशा ये हिंदुस्तान की शान का है।स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भारत के…

डॉ . मौमिता देबनाथ को न्याय दिलाने और बलात्कारियो को फांसी की सजा दिलाने के लिये विरोधप्रदर्सन एवं जुलूस निकाला गया।

डॉ . मौमिता देबनाथ को न्याय दिलाने और बलात्कारियो को फांसी की सजा दिलाने के लिये विरोधप्रदर्सन एवं जुलूस निकाला गया। रोहित सेठ सर्व समाज द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी…

बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा का हुआ हरियाली श्रृंगार।श्रावण पूर्णिमा पर बाबा का होगा झुलनोत्सव।

बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा का हुआ हरियाली श्रृंगार।श्रावण पूर्णिमा पर बाबा का होगा झुलनोत्सव। रोहित सेठ वाराणसी। श्रावण पूर्णिमा पर बाबा काशी विश्वनाथ के झूलनोत्सव की पूर्व परंपरानुसार बाबा…

राष्ट्रीय पक्षी मोर को अपनी कलाकृति के रूप में किया चयनित।

राष्ट्रीय पक्षी मोर को अपनी कलाकृति के रूप में किया चयनित। रोहित सेठ मैने राष्ट्रीय पक्षी मोर को अपनी कलाकृति के रूप में चयनित किया है , यह बहुत ही…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!