Month: November 2024

प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी बस्ती को जांच करने को दिया आदेश

प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी बस्ती को जांच करने को दिया आदेश सूरज गुप्ता डुमरियागंज/सिद्धार्थनगर भ्रष्टाचार और मानक विहिन घटिया काम कराने का मामला शासन तक पहुंचा। आपको बता दें कि…

ग्राम पंचायत झरुआ इन्टरलॉकिंग के कार्य को कराकर भुगतान को लेकर भ्रष्टाचार जोरों पर

ग्राम पंचायत झरुआ इन्टरलॉकिंग के कार्य को कराकर भुगतान को लेकर भ्रष्टाचार जोरों पर सूरज गुप्ताचिल्हियां/सिद्धार्थनगर। जिले के विकास खण्ड बढ़नी अन्तर्गत ग्राम पंचायत झरुआ इन्टरलॉकिंग के कार्य को कराकर…

गौ माता के साथ दुष्कर्म करने का वीडियो बनाकर किया वायरल

गौ माता के साथ दुष्कर्म करने का वीडियो बनाकर किया वायरल सूरज गुप्ता सिद्धार्थनगर। पशु के साथ एक व्यक्ति का दुष्कर्म करने मामला प्रकाश में आया है। पशु के साथ…

युवराज अधिराज प्रताप सिंह व अभय प्रताप सिंह नेकुल्हड़ उद्योग प्लान्ट का किया उदघाटन

युवराज अधिराज प्रताप सिंह व अभय प्रताप सिंह नेकुल्हड़ उद्योग प्लान्ट का किया उदघाटन सूरज गुप्ताबांसी/सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के अन्तर्गत कुल्हड़ उद्योग प्लान्ट का पूर्व कैबिनेट मंत्री व…

सपाईयों ने 12 सूत्रीय मांग को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, लगायें सरकार विरोधी नारे

सपाईयों ने 12 सूत्रीय मांग को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, लगायें सरकार विरोधी नारे सूरज गुप्ता सिद्वार्थनगर। समाजवादी पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के दिशा निर्देश पर जिले के नेताओं…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियां वन विभाग बना मूक दर्शक।

बहुआयामी समाचार संवाददाता उमाशंकर निषाद शारदा नगर लखीमपुर खीरी लखीमपुर के थाना शारदा नगर के क्षेत्र एवं वन बीट उसिया की ग्राम पंचायत सुनसरी गांव के पूरब की ओर लगभग…

लखीमपुर खीरी खैरहनी गांव के लोग पानी व कीचड़ में निकलने को मजबूर

रिपोर्ट – राम सजीवन प्रजापति आपको बताते चले कि उत्तर प्रदेश के जनपद जिला लखीमपुर खीरी के तहसील निघासन व ब्लाक निघासन के अंतर्गत खैरहनी गांव में कुछ रास्ते आज…

स्कॉर्पियो को बचाने के चक्कर में ट्रैक्टर ट्राली खाई में पलटी रिपोर्टर प्रदीप मिश्रा थाना फरधान क्षेत्र के पिकेट पुलिस चौकी लीला कुआं के अंतर्गत लखीमपुर बेहजम रोड लीलाकुंआ चौराहे…

पांच परिषदीय विद्यालयों का डीएम खीरी ने किया निरीक्षण, मचा हड़कंप, की यह कार्यवाही.

रिपोर्ट अनुज कुमार शुक्ला लखीमपुर खीरी। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंगलवार को पांच परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।…

*किसानो को नहीं मिल पा रही खादl DAO एक्शन में की दुकानों पर छापेमारी कर *वितरण* की खाद ।*

हरदोइ बिलग्राम . किसानों के सामने खाद, बीज का संकट है। बिजली और पानी की समस्याएं भी कम नहीं हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए नगर के कृषि रक्षा प्रभारी…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!