Month: July 2025

थाना चिनहट विकल्प खंड लोले रोड के पास काशीराम कॉलोनी में विद्युत अभियंता के तहत हर घर में मीटर चेंज हो रहे हैं

एम डी न्यूज़ चैनल रिपोर्टर प्रमोद कुमार लखनऊ से थाना चिनहट विकल्प खंड लोले रोड के पास काशीराम कॉलोनी में विद्युत अभियंता के तहत हर घर में मीटर चेंज हो…

वन महोत्सव पर वृक्षारोपण जन आंदोलन

वन महोत्सव पर वृक्षारोपण जन आंदोलन : “एक वृक्ष मां के नाम” अभियान में 1500 पौधों का रोपणबजाज शुगर मिल पलिया, गोला और खंभारखेडा इकाइयों में वृक्षारोपणबहु आयामी समाचार वाइस…

सेवा में समर्पित भारत विकास परिषद: नन्हें भविष्य की हथेलियों में सौंपे सपनों के रंग

सेवा में समर्पित भारत विकास परिषद: नन्हें भविष्य की हथेलियों में सौंपे सपनों के रंगबहु आयामी समाचार वाइस ब्यूरो चीफ लखनऊ मंडल मोहम्मद आमिर 9 जुलाई Id.no UP05872262804MAR06081985Ref.no 22AUG2024LMP001527लखीमपुर,।सेवा, संस्कार…

नगर के बढैय्याबीर मार्ग पर गिरी दीवार,बिजली का खंभा भी टूटा

*नगर के बढैय्याबीर मार्ग पर गिरी दीवार,बिजली का खंभा भी टूटा सुल्तानपुर/सुबह 7 बजे हुई मूसलाधार बारिश से बस स्टेशन स्थित आयकर विभाग के बगल बाउंड्री गिर गयी।झटके से विद्युत…

बिजली निजीकरण को लेकर के किसान संगठनों में काफी आक्रोश देखने को मिला लखनऊ स्थित शक्ति भवन का किया घेराव

ब्रेकिंग लखनऊ जिला ब्यूरो जाहिरा बानो की खास रिपोर्टबिजली निजीकरण को लेकर के किसान संगठनों में काफी आक्रोश देखने को मिला लखनऊ स्थित शक्ति भवन का किया घेरावसड़कों पर उतरे…

कांवड़ यात्रा तैयारियों का एडीएम ने विधायक संग लिया जायजा, कार्य में लापरवाही पर चेतावनी

कल शाम तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश, मंदिर परिसर में रहेगी अफसरों की तैनाती लखीमपुर खीरी, 08 जुलाई। सावन मास की कांवड़ यात्रा को लेकर गोला गोकर्णनाथ में प्रशासन…

सूरतगंज:देर से आते शिक्षक गेट पर छात्र करते इंतजार।जिम्मेदारों की बड़ी अनदेखी।

देर से आते शिक्षक गेट पर छात्र करते इंतजार।जिम्मेदारों की बड़ी अनदेखी। सूरतगंज बाराबंकी। सूरतगंज खंड शिक्षा क्षेत्र में स्थित बसंतापुर उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है।…

तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्राली ने तीन राहगीरों को कुचला।दो की मौत एक गंभीर रूप से घायल

तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्राली ने तीन राहगीरों को कुचला।दो की मौत एक गंभीर रूप से घायल।सूरतगंज बाराबंकी। थाना मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के अंतर्गत बिबीयापुर मोड टेढ़ी पुलिया के पास मंगलवार…

जिला अस्पताल में अचानक सीएमएस डॉक् टर डीके वर्मा का अचानक निरीक्षण

ब्रेकिंग न्यूज़ रामपुर से संवाददाता जिला अस्पताल में अचानक सीएमएस डॉक् टर डीके वर्मा का अचानक निरीक्षण रामपुर के सीएमएस डॉ डीके वर्मा आधी रात को जिला अस्पताल का उच्च…

प्रसिद्ध समाजसेवी विकास माहेश्वरी का आकस्मिक निधन नगर में शोक की लहर हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई

प्रसिद्ध समाजसेवी विकास माहेश्वरी का आकस्मिक निधन नगर में शोक की लहर हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई Reporter Naushad Malik धामपुर नगर के प्रसिद्ध समाजसेवी एवं कपड़ा व्यापारी कुलभूषण…

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!