किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला मुख्य आरक्षी का शव, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
md न्यूज़ संवाददाता जितेंद्र कुमार गौतम कि रिपोर्ट
रामपुर। सिविल लाइंस क्षेत्र में गुरुवार देर शाम उस समय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, जब एसपी कार्यालय की बड़ी पेशी में तैनात 40 वर्षीय मुख्य आरक्षी अरुण शुक्ला का शव गंगापुर आवास विकास कॉलोनी स्थित उनके किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।
दोपहर तीन बजे ड्यूटी खत्म कर कमरे के लिए निकले थे
पुलिस के अनुसार अरुण शुक्ला गुरुवार को रोज की तरह एसपी कार्यालय पहुंचे और ड्यूटी पूरी करने के बाद करीब तीन बजे वहां से अपने किराये के कमरे के लिए रवाना हुए। शाम को परिवार के सदस्यों ने उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कई बार कॉल करने के बावजूद फोन रिसीव नहीं हुआ। लगातार संपर्क न होने पर परिजन चिंतित हो गए।
परिजनों ने एसपी कार्यालय में अरुण के साथ तैनात सिपाही नितिन से संपर्क कर कमरे पर जाकर देखने को कहा। नितिन जब गंगापुर स्थित मकान पर पहुंचे तो कमरे के अंदर अरुण का शव पंखे के सहारे फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना तत्काल पुलिस अधिकारियों को दी गई।
एसपी और एएसपी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
मुख्य आरक्षी की मौत की खबर फैलते ही मकान के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर एसपी अनिल सिसौदिया और एएसपी अनुराग सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से जानकारी ली। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
अरुण शुक्ला पिछले करीब छह-सात महीने से एसपी कार्यालय की बड़ी पेशी में तैनात थे। इससे पहले वह कुछ समय तक सीओ मिलक कार्यालय में भी कार्यरत रहे थे।
2005 बैच में पुलिस विभाग में हुए थे भर्ती
बताया गया है कि अरुण शुक्ला वर्ष 2005 बैच में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। करीब एक वर्ष पहले उनका स्थानांतरण बरेली से रामपुर हुआ था। मूल रूप से वह शाहजहांपुर जिले के बंडा कस्बे के रहने वाले थे। वर्तमान में उनका परिवार बरेली में रहता है। पुलिस के अनुसार उनकी मां और भाई भी बरेली में रहते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
पत्नी से चल रहा था वैवाहिक विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि अरुण शुक्ला का पत्नी के साथ लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि फैमिली कोर्ट से तलाक के बाद पत्नी की ओर से हाईकोर्ट में अपील की गई थी। दोनों का एक बेटा भी है, जो पत्नी के साथ रहता है।
पुलिस के मुताबिक अदालत के आदेश के तहत अरुण अपनी पत्नी को प्रतिमाह करीब 25 हजार रुपये भरण-पोषण के रूप में देते थे। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वैवाहिक विवाद को उनकी मौत का कारण मानकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
परिजनों के पहुंचने के बाद होगा पोस्टमार्टम
घटना की जानकारी मिलने के बाद अरुण की पत्नी भी बरेली से रामपुर पहुंच गईं। पुलिस अन्य परिजनों के आने का इंतजार करती रही। एसपी अनिल सिसौदिया के अनुसार परिवार के सदस्यों के पहुंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही मौत से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ड्यूटी से कमरे पर लौटने के बाद ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं, जिनके चलते मुख्य आरक्षी की जान चली गई।

