
डा० अनिल जय हिंद ने कहा सामाजिक न्याय और जातिगत जनगणना वह विचार जिसे दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती:अशोक विश्वकर्मा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने बताया है कि नई दिल्ली स्थित तेलंगाना भवनमें आयोजित राष्ट्रीय ओबीसी सम्मेलन में कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनिल जयहिंद ने कहा सामाजिक न्याय और जातिगत जनगणना वह विचार है, जिसको दुनिया की बड़ी से बड़ी ताकत रोक नहीं सकती है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा की जनगणना में हर जाति के लिए अलग से ‘यूनिक कोड’ (Unique Code) और ओबीसी (OBC) श्रेणी का एक समर्पित कॉलम होना अनिवार्य किया जाना चाहिए।सम्मेलन में प्रमुख बातें और मांगें:सटीक आंकड़ों की आवश्यकता: डॉ. अनिल जयहिंद ने कहा कि जनगणना में सटीक आंकड़ों की आवश्यकता है जिससे प्रभावी नीतियों और सामाजिक न्याय को जमीन पर लाया जा सके। इसके लिए सभी सामाजिक समूहों व जातियों की वास्तविक जनसंख्या का सही आंकड़ा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया को अवैज्ञानिक बताते हुए जनगणना का विरोध किया तथा चेताया कि बिना उचित जाति-वार कॉलम और स्पष्ट वर्गीकरण के जनगणना करने से जो आंकड़े आएंगे, वे स्पष्ट नहीं होंगे और इस प्रक्रिया का कोई ठोस परिणाम नहीं निकलेगा। तेलंगाना मॉडल अपनाने की मांग करते हुए केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह तेलंगाना सरकार द्वारा कराए गए सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, रोजगार और राजनीतिक जाति सर्वेक्षण (SEEEP Survey) के मॉडल को पूरे देश में अपनाए। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक हर जाति की सही संख्या सामने नहीं आएगी, तब तक देश के पिछड़े वर्गों और महिलाओं को उनकी आबादी के अनुपात में उचित राजनीतिक और सामाजिक हिस्सेदारी और भागीदारी नहीं मिल सकेगी।
