हाथरस। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न रोजगारपरक ऋण योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने बैंकवार लंबित ऋण प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रबंधकों को पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।मुख्य विकास अधिकारी ने जिला समन्वयकों को निर्देशित किया कि बैंक शाखाओं में लंबित सभी ऋण पत्रावलियों पर 25 सितंबर 2026 तक ऋण वितरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लंबित आवेदनों और बैंकों के स्तर पर अपेक्षित सहयोग न मिलने के कारण जनपद की स्थिति प्रदेश स्तर पर ऋण योजनाओं की प्रगति में प्रभावित हो रही है। शासन की रोजगारपरक योजनाओं का उद्देश्य पात्र लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।समीक्षा में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक सहित कुछ बैंकों में बड़ी संख्या में प्रकरण लंबित पाए जाने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित बैंक अधिकारियों को लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर पात्र लाभार्थियों को शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों के आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा। प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही या अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी अथवा बैंक की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विभागीय अधिकारियों को बैंकों के साथ नियमित समन्वय रखते हुए लंबित प्रकरणों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए।बैठक में जिला सूचना अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, एलडीएम, विभिन्न बैंकों के प्रबंधक एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट संजीव कुमार तेनगुरिया

