हाथरस, 18 सितंबर। श्री दाऊजी महाराज के 115वें मेले में 18 से 30 सितंबर तक आयोजित होने वाले विधिक साक्षरता शिविर का शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश विनय कुमार ने फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने मां सरस्वती का माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर की शुरुआत की।इस दौरान जनपद न्यायाधीश ने कहा कि शिविर का उद्देश्य आमजन को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं और उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक परेशानी या कानूनी जानकारी के अभाव में न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पात्र एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराता है। पात्र पक्षकारों को अधिवक्ता की फीस भी नहीं देनी पड़ती।उन्होंने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से भी लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराया जाता है। दाऊजी मेले में लगाए गए शिविर के माध्यम से दूर-दराज से आने वाले लोगों को पंपलेट तथा पराविधिक स्वयंसेवकों एवं अधिवक्ताओं के माध्यम से कानूनी जानकारी दी जा रही है।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने ‘मध्यस्थता 3.0’ अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि न्यायालयों में विचाराधीन मामलों में दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ के माध्यम से सुलह-समझौते का प्रयास किया जाता है। इससे आपसी कटुता कम होने के साथ विवाद का शीघ्र निस्तारण संभव होता है। इच्छुक पक्षकार संबंधित न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर मध्यस्थता के माध्यम से अपने मामले का निस्तारण करा सकते हैं।इस अवसर पर मध्यस्थ अधिवक्ता जालिम, पराविधिक स्वयंसेवक साहब सिंह सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। शिविर में उपस्थित लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जागरूकता संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए।
रिपोर्ट संजीव कुमार तेनगुरिया

