उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 33 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरना) की गंभीर आशंका जताई गई है। इन इलाकों में अलर्ट जारीमौसम विभाग के अनुसार, मध्य यूपी, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी, अयोध्या, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर समेत 33 प्रमुख जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असरमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी तंत्र (साइकलोनिक सर्कुलेशन) के कारण राज्य में नमी भरी हवाएं तेजी से प्रवेश कर रही हैं। इस वजह से अगले 48 से 72 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रह सकता है। तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। प्रशासन की अपील और सावधानियांसंभावित खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गए हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों और किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं: पेड़ों और खंभों से दूर रहें: तेज हवा और बारिश के दौरान पुराने भवनों, बड़े पेड़ों तथा बिजली के खंभों व ट्रांसफार्मर के पास शरण न लें। खेतों में जाने से बचें वज्रपात के खतरे को देखते हुए किसान भाई बारिश और कड़क के समय खुले खेतों या धातुओं के उपकरणों के पास काम न करें।जलभराव से सावधान निचले इलाकों में जलभराव होने की संभावना को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थलों पर रहें।रिपोर्टर रामानंद सागर

