
30 मिनट में जीआरपी ने तीन गुमशुदा बालिकाओं को खोज निकाला, परिजनों को सौंपा
वाराणसी। जीआरपी कैंट वाराणसी की टीम ने तत्परता और सतर्कता दिखाते हुए रेलवे स्टेशन से गुमशुदा तीन बालिकाओं को महज 30 मिनट के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। बालिकाओं की बरामदगी के बाद परिजनों ने जीआरपी टीम और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार जताया।
पुलिस के अनुसार 25 सितंबर को नब्बू आदिवासी निवासी थाना बमीठ, जिला छतरपुर, मध्य प्रदेश ने सूचना दी कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री स्वाती, 15 वर्षीय पुत्री सोनम तथा करीब 16 वर्षीय भांजी पानक घर से नाराज होकर कहीं चली गई थीं। भांजी के मोबाइल से सूचना मिली कि तीनों वाराणसी रेलवे स्टेशन पर हैं।
सूचना मिलते ही जीआरपी कैंट के प्रभारी निरीक्षक राजोल नागर ने टीम गठित कर तत्काल खोजबीन शुरू कराई। रेलवे स्टेशन कैंट परिसर के विभिन्न प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, प्रवेश-निकास द्वार और अन्य संभावित स्थानों पर तलाश की गई। साथ ही स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी बालिकाओं की तलाश की गई।
खोजबीन के दौरान तीनों बालिकाएं स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में संदिग्ध अवस्था में दिखाई दीं। पुलिस टीम ने उन्हें सुरक्षित संरक्षण में लिया और थाने लाकर पूछताछ के बाद उनके पिता व परिजनों से पहचान कराई। पहचान की पुष्टि होने पर तीनों बालिकाओं को उनके पिता नब्बू आदिवासी को सुरक्षित सौंप दिया गया।
जीआरपी की त्वरित कार्रवाई से तीनों बालिकाओं को महज 30 मिनट में सकुशल बरामद कर परिजनों से मिलाया गया। परिजनों ने पुलिस टीम की तत्परता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
बरामदगी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राजोल नागर, निरीक्षक देवचंद्र यादव, उपनिरीक्षक रामरतन पाटडेय, हेड कांस्टेबल अनिल प्रताप सिंह, कांस्टेबल मूलचंद्र, हेड कांस्टेबल दानिश, कांस्टेबल इरफानजीत तथा हेड कांस्टेबल अनुरोध कुमार शामिल रहे।
