
बदायूं में रामलीला की अनुमति को लेकर रिश्वत मांगने का आरोप, प्रशासन मौन जिला अध्यक्ष भा जा पा राजीव गुप्ता ने कहा आओ मुझसे ले जाओ
रिपोर्टर प्रदीप पांडेय बदायूं
बदायूं। शहर में रामलीला की अनुमति को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाबू पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। पूरे प्रकरण में प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। इस पूरे मामले पर भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा आओ मुझसे ले जाओ शहर में करीब डेढ़ सौ वर्षों से चली आ रही रामलीला, राम बारात और दशहरे मेले के आयोजन को लेकर इस बार प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आयोजन समिति की ओर से कथित तौर पर करीब दो माह पहले अनुमति के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन मेला शुरू होने से महज दो दिन पहले तक अनुमति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।समिति से जुड़े पदाधिकारी के हवाले से आरोप है कि इस बार 50 हजार रुपये की मांग की गई। समिति के पदाधिकारियों ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो कथित तौर पर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के एक बाबू की ओर से पीडब्ल्यूडी की एनओसी लाने की बात कहकर प्रक्रिया को और जटिल कर दिया गया। इस पूरे प्रकरण को जिला प्रशासन के संज्ञान में आने के बावजूद भी सिटी में मजिस्ट्रेट कार्यालय में तैनात बाबू पर अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी को जनता कैसे झेलती होगी जो सोचने वाली बात है।
