
गोला गोकर्णनाथ, खीरी।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार दीक्षित ने गन्ना किसानों के विलंबित भुगतान पर ब्याज से जुड़े मामले में संगठन के मुखिया सरदार वी.एम. सिंह के प्रयासों को किसानों के हित में महत्वपूर्ण बताया है।
अंजनी दीक्षित के अनुसार, सरदार वी.एम. सिंह की ओर से दायर जनहित याचिका के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विलंबित गन्ना भुगतान पर 15 प्रतिशत ब्याज दिए जाने के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अगस्त 2026 में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 15 प्रतिशत के स्थान पर 12 प्रतिशत ब्याज के आधार पर जारी रिकवरी सर्टिफिकेट पर भी कड़ा रुख अपनाया था और संबंधित अधिकारियों का ब्योरा तलब किया था।
दीक्षित ने कहा कि उनका संगठन लंबे समय से किसानों को विलंबित गन्ना भुगतान पर देय ब्याज दिलाने की मांग करता रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में चीनी मिलों और राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं को खारिज कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों को अब अपने बकाये और उस पर देय ब्याज का पूरा विवरण प्राप्त करना चाहिए। प्रत्येक किसान जिला गन्ना अधिकारी तथा संबंधित गन्ना समिति के सचिव से अपने खाते में देय ब्याज की गणना और भुगतान का विवरण मांग सकता है, ताकि किसी प्रकार की विसंगति की स्थिति में उसे समय रहते उठाया जा सके।
अंजनी दीक्षित ने किसानों से जाति, बिरादरी और धर्म से ऊपर उठकर अपने किसान हितों के लिए एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने अधिकारों और फसल के उचित भुगतान के लिए संगठित होकर कानूनी एवं लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने सरदार वी.एम. सिंह के लंबे किसान आंदोलन और गन्ना किसानों के बकाये तथा ब्याज के मुद्दे पर किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की ओर से उन्हें बधाई एवं धन्यवाद दिया।
