
एक वर्ष से अधिक समय से वेंटिलेटर पर बच्चे का उपचार, पॉपुलर हॉस्पिटल की टीम जुटी
वाराणसी। पॉपुलर हॉस्पिटल के बाल रोग विभाग ने एक गंभीर रूप से बीमार आठ वर्षीय बच्चे की एक वर्ष से अधिक समय से जारी गहन चिकित्सा देखभाल की जानकारी प्रेसवार्ता में दी। बच्चे को 15 अक्टूबर 2025 को लगातार दौरे पड़ने और कोमा की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में वेंटिलेटर पर रखा गया। जाँच में रेबीज संबंधी रिपोर्ट पॉजिटिव आईं। अस्पताल के अनुसार, भर्ती होने से लगभग 21 दिन पहले बच्चे को गली के कुत्ते ने काटा था। उसे टीका लगा था, लेकिन रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) नहीं दिया जा सका था। इसके बाद से बच्चे को वेंटिलेटरी सपोर्ट, दवाएं, पोषण और निरंतर चिकित्सकीय निगरानी दी जा रही है।
डॉ. आलोक सी. भारद्वाज, विभागाध्यक्ष बाल रोग विभाग ने बताया कि इतने लंबे समय तक जीवनरक्षक उपचार देना चुनौतीपूर्ण है और इसमें पूरी PICU टीम की अहम भूमिका है। डॉ. प्रभात कुमार, वरिष्ठ सलाहकार एवं इंटेंसिविस्ट ने निरंतर निगरानी और टीम समन्वय को महत्वपूर्ण बताया। डॉ. ए. के. कौशिक, चेयरमैन, डॉ. किरण कौशिक, मैनेजिंग डायरेक्टर, डॉ. परमहंस मिश्रा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और डॉ. मनुज मित्तल, वाइस प्रेसिडेंट ने गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं और जन-जागरूकता पर जोर दिया। डॉ. पीयूष हरि, लैब इंचार्ज एवं CMS ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
अस्पताल की ओर से अपील की गई कि कुत्ते या किसी अन्य संभावित संक्रमित जानवर के काटने अथवा खरोंचने पर घाव को साबुन और बहते पानी से कम-से-कम 15 मिनट धोएं और तत्काल अस्पताल पहुंचें। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार रेबीज टीकाकरण पूरा कराएं तथा जरूरत पड़ने पर RIG लगवाएं। लक्षणों की प्रतीक्षा न करें, क्योंकि रेबीज के लक्षण विकसित होने के बाद बीमारी लगभग हमेशा घातक होती है।
