
छाता (मथुरा)।
छाता चीनी मिल को चालू कराने की मांग को लेकर चल रहे धरने के बीच पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। वार्ड नंबर-2 के सभासद पति भोला यदुवंशी (भोला जादौन) ने पुलिस प्रशासन पर देर शाम उनके घर में जबरन घुसने, महिलाओं, बच्चों और रिश्तेदारों के साथ अभद्रता करने, मारपीट और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद किसानों और ग्रामीणों में आक्रोश फैलने की बात सामने आई है।
20 से 25 पुलिसकर्मियों के पहुंचने का आरोप
भोला यदुवंशी के अनुसार, देर शाम करीब 20 से 25 पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों में वर्दीधारी और सादे कपड़ों में मौजूद लोग शामिल थे। इनमें एक कस्बा इंचार्ज और एक इंस्पेक्टर के भी होने की बात कही गई है। आरोप है कि पुलिसकर्मी अचानक घर के अंदर दाखिल हो गए और वहां मौजूद परिजनों के साथ कथित तौर पर खींचतान तथा अभद्र व्यवहार किया।

महिलाओं और परिजनों से बदसलूकी का आरोप
भोला यदुवंशी का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने घर में मौजूद महिलाओं और अन्य परिजनों के साथ बदसलूकी की, गाली-गलौज की और विरोध करने पर धमकाया। उनका दावा है कि चीनी मिल धरने में शामिल होने और आंदोलन को समर्थन देने को लेकर उन्हें निशाना बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
घटना के बाद जुटने लगे किसान और ग्रामीण
बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी आसपास के गांवों में पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौके पर एकत्र होने लगे। ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ने के बीच पुलिसकर्मियों के वहां से चले जाने का दावा किया गया है।
धरना स्थल पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे किसान
इस घटना के बाद चीनी मिल धरना स्थल पर किसानों और ग्रामीणों की भीड़ बढ़ने की बात कही जा रही है। आरोप है कि देर रात दूर-दराज के गांवों से भी लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए धरना स्थल पर पहुंचे। किसानों के बीच इस घटना को लेकर नाराजगी व्याप्त बताई जा रही है।
छाता चीनी मिल को चालू कराने की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच सामने आए इन आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब पूरे प्रकरण में पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष और घटना की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

रिपोर्ट: कैलाश सिंह यदुवंशी
तहसील रिपोर्टर, -छाता, मथुरा
