
अमेरिका की अदालत में महेंद्र आयलाणी की सिविल याचिका दर्ज, साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता का मुद्दा उठाया
आयोवा में साइबर अपराध से 9.3 करोड़ डॉलर के प्रत्यक्ष नुकसान का दावा, सरकारी जवाबदेही पर भी जोर
डेस मोइनेस (अमेरिका)। साइबर सुरक्षा की कमजोरियों, डेटा गोपनीयता और सरकारी जवाबदेही से जुड़े मामले में अमेरिका के आयोवा राज्य के पोल्क काउंटी स्थित जिला न्यायालय ने महेंद्र आयलाणी की ओर से दायर सिविल इक्विटी याचिका को स्वीकार कर केस संख्या EQCE093581 के तहत दर्ज किया है। यह मामला महेंद्र आयलाणी बनाम आयोवा राज्य के कोषाध्यक्ष के नाम से दर्ज है। मामले की सुनवाई न्यायाधीश जीनी कुंकल वॉड्ट के समक्ष होनी है।
ह्यूमन राइट्स फेडरेशन इंक. के अध्यक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ता महेंद्र आयलाणी ने डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराध और नागरिकों के डेटा की गोपनीयता से जुड़े मुद्दों को लेकर यह याचिका दायर की है। इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में संघीय एजेंसियों और कॉमन सेंस इंस्टीट्यूट की रिपोर्टों का हवाला देते हुए साइबर अपराध तथा डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई गई है।
विज्ञप्ति के अनुसार, वर्ष 2025 में आयोवा राज्य में साइबर अपराधों के कारण लगभग 9.3 करोड़ डॉलर का प्रत्यक्ष वित्तीय नुकसान हुआ, जबकि इन अपराधों का व्यापक आर्थिक प्रभाव 66.6 करोड़ डॉलर से अधिक बताया गया है। ये आंकड़े डिजिटल सुरक्षा से जुड़े जोखिमों और साइबर अपराधों के आर्थिक प्रभाव को रेखांकित करते हैं।
याचिका अदालत में दर्ज होने के बाद अब मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में याचिका में की गई विशिष्ट मांगों और अदालत की आगामी कार्रवाई का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। याचिका का दर्ज होना उसके आरोपों या दावों पर अदालत की मुहर लगना नहीं है। मामले के तथ्यों और संबंधित पक्षों के दावों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
