रिपोर्टर अनिल यादव
एम डी न्यूज

अयोध्या। विदेश की धरती पर किसी अपने को खोने वाले परिवारों के लिए पूर्व विधायक अब्बास अली जैदी उर्फ रुश्दी मियां मददगार बनकर सामने आए हैं। विदेश में दम तोड़ने वाले लोगों के पार्थिव शरीर को स्वदेश मंगवाने के लिए उनकी पहल कई परिवारों के लिए राहत का जरिया बन रही है। रुदौली विधानसभा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि अयोध्या जिले के दूसरे इलाकों और आसपास के जनपदों के गांवों तक उनकी मदद पहुंच रही है। इसी पहल के तहत सुल्तानपुर के 28 वर्षीय माकूल अहमद का पार्थिव शरीर शुक्रवार को भारत पहुंच गया। करीब दो साल पहले बेहतर भविष्य का सपना लेकर विदेश गए माकूल की घर वापसी ने परिवार को गमगीन कर दिया।


माकूल अहमद पुत्र मकबूल अहमद सुल्तानपुर जिले के थाना बल्दीराय क्षेत्र के ग्राम पूरे चूरीहरन, हसाई मुकुंदपुर, पोस्ट मेघमऊ का निवासी था। शादी के महज दो महीने बाद वह परिवार की खुशहाली के लिए मजदूरी करने विदेश चला गया था। विदेश पहुंचने के महज 15 दिन बाद ही उसके पिता का इंतकाल हो गया, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि वह पिता के अंतिम दर्शन तक नहीं कर सका। अब करीब दो साल बाद विदेश में उसकी मौत की खबर ने परिवार को एक बार फिर गहरे सदमे में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है।


विदेश में मौत के बाद पार्थिव शरीर वतन लाने में मददगार बने रुश्दी मियां


विदेश में किसी की मौत के बाद पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे समय में रुश्दी मियां की पहल से रुदौली विधानसभा क्षेत्र के अलावा अयोध्या जिले के अन्य इलाकों और आसपास के जनपदों के गांवों के लोगों के पार्थिव शरीर स्वदेश मंगवाने में सहयोग मिल रहा है। माकूल के पार्थिव शरीर को भारत पहुंचाने में भी उन्होंने पहल की। शुक्रवार को पार्थिव शरीर भारत पहुंचने के बाद परिवार को अपने बेटे की अंतिम विदाई का इंतजार खत्म हुआ।

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