बहुँआयामी समाचार से देश राज्यों से बड़ी खबरें पुनीत शुक्ला के साथ *04- जून- रविवार* 👇*=============================**1* बालासोर में चल रहा मरम्मत का काम, अबतक 288 लोगों की मौत; PM मोदी बोले- दोषियों को नहीं बख्शेंगे*2* घायल यात्रियों से मिलने के बाद बालासोर अस्पताल में मीडिया से बात करते हुए मोदी ने कहा, इन दो ट्रेनों में कई राज्यों के लोग यात्रा कर रहे थे और उनमें से कई ने अपनी जान गंवाई है। यह एक दर्दनाक घटना है और इसके बारे में कल्पना करना बहुत कठिन है।*3* इस्तीफे के सवाल पर बोले रेल मंत्री- ये वक्त राजनीति का नहीं, मैं कहीं नहीं जा रहा*4* तेज रफ्तार, गलत सिग्नल, ट्रैक चेंज और डिरेल, ओडिशा में एक जगह कैसे टकराईं दो यात्री ट्रेन और एक मालगाड़ी*5* स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया आज पहुंचेंगे ओडिशा, बालासोर ट्रेन हादसे के घायलों के इलाज की देखेंगे व्यवस्था.*6* किसी ने खिड़की से कूदकर बचाई जान तो कोई हिल भी नहीं पाया’, ओडिशा रेल हादसे में जिंदा बचे लोगों ने बताया आंखों देखा हाल*7* कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बोले- रेल मंत्री में थोड़ी बहुत शर्म होगी तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.*8* ट्रेन हादसे को लेकर कई सवाल उठते हैं, सुरक्षा हो सर्वोच्च प्राथमिकता : कांग्रेस.*9* मणिपुर में सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में बरामद किए गोला-बारूद और हथियार, सेना ने शांति के लिए शुरू किया सर्च ऑपरेशन*10* आज दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचेंगे अमेरिकी रक्षा मंत्री, राजनाथ के साथ करेंगे द्विपक्षीय वार्ता*11* अमेरिका दौरे पर नेल्सन मंडेला की बराबरी कर लेंगे PM मोदी, संसद की संयुक्त बैठक को करेंगे संबोधित*12* NDA का बढ़ेगा कुनबा, BJP-TDP आ सकती है साथ, अमित शाह ने चंद्रबाबू नायडू के साथ किया मंथन*13* अमेरिका में बोले राहुल गांधी- भारत में वैकल्पिक सोच के लिए हाथ मिलाएगा विपक्ष, मिलकर लड़ना जरूरी*14* गहलोत के मंत्री मेघावल बोले- मुझे भी खरीदने की कोशिश हुई, जवाब था- पशु बिकते हैं, इंसान नहीं*15* ममता बालासोर पहुंचीं, बोलीं- यह 21वीं सदी का सबसे बड़ा रेल हादसा, पश्चिम बंगाल के मृतकों के परिवार को 5-5 लाख की मदद देंगी *16* अतीत में ओडिशा ट्रेन दुर्घटना जैसे हादसे होने पर रेल मंत्री इस्तीफा दे दिया करते थे: अजित पवार*17* भाजपा छोड़ने वाली हैं पंकजा मुंडे? बोलीं- अमित शाह से मिलकर करनी है बात, फिर होगा फैसला*18* राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम; चलेंगी तेज हवाएं, जारी हुआ आंधी-पानी का यलो अलर्ट*===============================*

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!