लखनऊ। अटेवा व नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम ( एनएम ओपीएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा है कि पुरानी पेंशन शिक्षकों, कर्मचारियों-अधिकारियों , के लिए जीवन मरण का प्रश्न बन गया है। इसकी बहाली होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पांच राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल हो सकती है तो पूरे देश में क्यों नहीं? वे मंगलवार को प्रेसक्लब में पत्रकारों से बात कर रहे थे।उन्होंने कहा कि एक अक्तूबर को रामलीला मैदान, दिल्ली में पेंशन शंखनाद महारैली होनी है। इसमें देश भर से लाखों कर्मचारी शामिल होंगे। इसके माध्यम से पीएम मोदी से पुरानी पेंशन बहाली व निजीकरण की समाप्ति की मांग की जाएगी। संगठन के महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि निजीकरण निम्न व मध्य वर्ग के खिलाफ अमीरों की साजिश है। वर्तमान सरकार शिक्षक, कर्मचारी विरोधी है। इस मौके पर प्रांतीय महामंत्री अशोक कुमार, लुआक्टा अध्यक्ष मनोज पांडेय, लता सचान समेत , कई अन्य मौजूद थे।

पेंशन शंखनाद महारैली के लिए कसी कमर

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर एक अक्टूबर को कर्मचारी नई दिल्ली के रामलीला मैदान पर पेंशन शंखनाद महारैली के जरिए अपनी आवाज बुलंद करेंगे। प्रेस क्लब में मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष व नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने बताया कि महारैली में देशभर से बड़ी संख्या में शिक्षक व सभी विभागों के कर्मचारी शामिल होंगे। रैली के जरिए प्रधानमंत्री जी से पुरानी पेंशन बहाली व निजीकरण की समाप्ति की मांग की जाएगी।

अटेवा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने प्रदेश के सभी कर्मचारियों से एक अक्टूबर को दिल्ली चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार पुरानी पेंशन बहाल न कर कर्मचारियों व शिक्षकों के साथ अन्याय कर रही है। इस मौके पर कर्मचारी नेता रामराज दुबे, भारत सिंह यादव, अमित कुमार यादव, मनोज पांडे, अंशु केडिया और नरेन्द्र यादव मौजूद रहे।

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