आदेश मा0 न्यायालय जिला अधिकारी वाद संख्या 1971/2021 सरकार बनाम धर्मवीर उर्फ टूण्डा अंतर्गत धारा 14(1) गिरोह बंद एवं असामाजिक क्रियाकलाप निवारण अधि0 आदेश दिनांक 30.03.22 पत्रांक 1719 रीडर डीएम बदायूं के अनुपालन में अभियुक्त की संपत्ति कुर्क कर सरकार के हक में जब्त की गई –

अभियुक्त धर्मवीर उर्फ टूण्डा पुत्र रामस्वरूप निवासी ग्राम किशनी महेरा थाना मूसाझाग जनपद बदायूं एक शातिर किस्म का अपराधी है जो लगातार अपराध में संलिप्त रहा तथा अवैध शराब निष्कर्षण करके जनता में भय एवं आतंक व्याप्त कर रहा था जिसके द्वारा अवैध शराब निष्कर्षण एवं अवैध मादक पदार्थ का कारोबार कर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की गई है जिस अवैध संपत्ति से अभियुक्त धर्मवीर उपरोक्त द्वारा ग्राम किशनी महेरा में गाटा संख्या 411 रकवा 2.43 है कृषि भूमि में से दिनांक 03.01.2003 को 1/12 भाग का बैनामा तथा गाटा संख्या 411 में से ही दिनांक 23/12/2003 को 1/24 भाग का बैनामा तथा गाटा संख्या 411 से ही दिनांक 19/04/2005 को 1/24 भाग का बैनामा तथा गाटा संख्या 411 से ही दिनांक 01/01/2008 को 1/12 भाग का बैनामा कराया गया है कुल भूमि का 1/4 भाग का बैनामा कराया गया है तथा दिनांक 04/05/2005 को गया संख्या 588 के रकबा 0.253 हे 0 कृषि भूमि का पूर्ण भाग का बैनामा कराया गया है दिनांक 11/04/2008 को गाटा संख्या 0.559 के 0.281 हे0 कृषि भूमि के 1/4 भाग का बैनामा कराया गया दिनांक 16/08/2010 को गाटा संख्या 416 रकवा 0.240 हे0 कृषि भूमि का 1/4 भाग का बैनामा कराया गया है तथा गाटा संख्या 417 के रकवा 0.152 हे0 कृषि भूमि के 1/5 भाग का बैनामा कराया गया है जो सम्पूर्ण भूमि लगभग 13 बीघा है जिसकी अनुमानित कीमत 1296000 रुपए है ग्राम किशनी महेरा में ही स्थित गाटा संख्या 559 में अवैध तरीके से मकान का निर्माण किया गया है जिसकी अनुमानित कीमत 725000 रुपए है तथा अपनी मां के नाम पर एक मोटरसाइकिल एचएफ डीलक्स UP24AM 9720 क्रय की गई है जिसकी अनुमानित कीमत 38000 रुपए है ।

इस प्रकार अभियुक्त द्वारा अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति से क्रय की गई जमीन मकान मोटरसाइकिल जो सभी संपत्ति अपने मां प्रेमा देवी के नाम क्रय की गई है संपूर्ण संपत्ति की अनुमानित लागत ₹2059000 रुपए है जिसे दिनांक 04/04/2022 को ग्राम किशनी महेरा में जाकर श्रीमान उप जिलाधिकारी महोदय दातागंज एवं श्रीमान क्षेत्राधिकारी उझानी महोदय के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक मूसाझाग मय फोर्स एवं रेवेन्यू टीम की मौजूदगी में उक्त आदेश के अनुपालन में गांव में ढोल बजाकर मुनादी कराकर धारा 14(1)गैंगस्टर एक्ट के तहत मकान को सीज किया गया तथा मकान व जमीन को कुर्क कर सरकार के हक में सीज कर देख रेख हेतु पूर्व प्रधान वीरपाल पुत्र जानकी निवासी ग्राम किशनी महेरा थाना मूसाझाग बदायूं को हिदायत देकर सुपुर्द किया गया कि वह जमीन व मकान को बिना सरकार के आदेश के खुर्द वुर्द नहीं करेंगे किसी को बटाई पर नहीं देंगे ना ही किसी प्रकार का सीमांकन में परिवर्तन करेंगे और ना ही किसी को फसल पैदा करने देंगे । अभियुक्त धर्मवीर और टूण्डा पुत्र रामस्वरूप निवासी ग्राम किशनी महेरा थाना मूसाझाग बदायूं को थाना स्थानीय का शराब माफिया संख्या 23/20 दिनांक 14/11/2020 को घोषित किया जा चुका है।
अभियुक्त का अपराधिक इतिहास –
क्र.सं. मु0अ0सं0 धारा थाना
1- 200/21 60 आबकारी अधि0 मूसाझाग
2- 258/2020 2/3 गै0 एक्ट मूसाझाग
3- 231/2020 60(2) EX ACT मूसाझाग
4- 33/2019 60 EX ACT मूसाझाग
5- 288/18 3/25A ACT मूसाझाग
6- 361/17 60 EX ACT मूसाझाग
7- 64/17 3/25A ACT मूसाझाग
8- 373/2015 60/62 EX ACT मूसाझाग
9- 38/2012 3/4 गुण्डा एक्ट मूसाझाग
10- 888/2011 60(1) EX ACT मूसाझाग
11- 278/2011 60(2) EX ACT मूसाझाग
12- 870/2009 25A ACT मूसाझाग
13- 111/2009 110जी द0प्र0सं0 मूसाझाग
14- 457/08 60/62 EX ACT मूसाझाग
15- 75/2007 5/25 A ACT मूसाझाग
16- 150/2006 8/15 NDPS ACT मूसाझाग
17- 409/2005 25A ACT मूसाझाग
18- 410/2005 60 EX ACT मूसाझाग
19- 337/2004 324/323/504 IPC मूसाझाग
20- 25/2002 3/4 गुण्डा एक्ट मूसाझाग
21- 20/2002 25A ACT मूसाझाग
22- 217/2002 18/20 NDPS ACT मूसाझाग
23- 218/2002 25A ACT मूसाझाग
24- 189/2003 60 EX ACT मूसाझाग
25- 2017/2000 18/20 NDPS ACT मूसाझाग
26- 26/1999 380/411 IPC मूसाझाग

✍️ ब्यूरो रिपोर्ट आलोक मालपाणी बदायूं

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!