रिपोर्ट – ब्यूरो रजनीश कुमार

अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के गांव अमावता में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में तृतीय दिवस पर कथा वाचक आचार्य अंकुर शुक्ला श्रीधाम वृन्दावन ने कथा में सुधी श्रोताओ को सुनाया कि भरत का भाई के प्रति अगाध प्रेम आज के समाज के लिए अनुकरणीय है और समाज में सभी भाईयों को आपस में एक दूसरे से प्रेम व सम्मान करते हुए भाईचारे की मिशाल कायम करनी चाहिए माया तो यही पर पड़ी रह जाती है केवल प्रेम ही लोगों को समाज से जोड़े रखता है।जिसके कारण ही हमारे देश का नाम भारत पड़ा है। विद्वानों द्वारा कहा जाता है कि भाई हो तो भरत जैसा ।


अमावता गांव के श्रीराम जानकी मन्दिर पर 15 फरवरी से शुरू हुयी भागवत कथा में आज कहते में सुधी श्रोताओं की भीड़ कथा सुनने के लिए देर रात तक जमी रही,आज भरत चरित में उन्होंने कहा कि भाई के लिए एक भाई ने राज्य पाठ त्याग कर दिया जबकि आज के समय में लोग राज्य पाठ के लिए लोग भाई को ही त्याग देते हैं।जबकि सकल पदार्थ के चक्कर में मनुष्य को नहीं पड़ना चाहिए। मानव को हमेशा मानव हित में काम करते हुए जीवन निर्वाह करना चाहिए। अमावता में राम कथा रात्रि 8:00 बजे से 10:00 बजे तक की जाएगी।कथा में परीक्षित राममालती दुबे ने बताया कि कथा 22 फरवरी तक अनवरत चलेगी जो 23 हवन भन्डारे के साथ समापन होगी।

0 views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *