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शाहजहाँपुर पुलिस
प्रेस नोट थाना परौर 24.06.2024
थाना परौर पुलिस द्वारा विभिन्न अभियोगो में वाछिंत चल रहे 09 वारण्टी अभियुक्तगणों को किया गया गिरफ्तार ।

श्री अशोक कुमार मीणा पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद शाहजहाँपुर के निर्देशानुसार जनपद मे अपराध की रोकथाम व अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए गये अभियान के क्रम में श्रीमान मनोज कुमार अवस्थी अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में व श्री अजय कुमार राय क्षेत्राधिकारी जलालाबाद के कुशल प्रर्यवेक्षण में एवं सुश्री सोनी शुक्ला थानाध्यक्ष थाना परौर के नेतृत्व में थाना परौर की पुलिस टीम को बड़ी कामयाबी हासिल हुई ।
आज दिनांक 24.06.2024 को थाना परौर पुलिस द्वारा विभिन्न अभियोगो में वाछिंत चल रहे कुल 09 अभियुक्तो को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया ।
पंजीकृत अभियोग का विवरण –
1.वाद संख्या 130/13 धारा 323/504/342 भादवि थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर से सम्बन्धित अभियुक्त बुध्दपाल पुत्र रामसिंह निवासी ग्राम धर्मपुर थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर

  1. वाद संख्या 130/13 धारा 323/504/342 भादवि थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर से सम्बन्धित अभियुक्त राजेन्द्र पुत्र विजपाल निवासी ग्राम धर्मपुर थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  2. वाद संख्या 130/13 धारा 323/504/342 भादवि थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर से सम्बन्धित अभियुक्त ओमकार पुत्र रामसिंह निवासी ग्राम धर्मपुर थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  3. वाद संख्या 430/13 धारा 323/504/325 भादवि थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर से सम्बन्धित अभियुक्त सुरेश पुत्र रामप्रकाश निवासी ग्राम चिता नगला मजरा रजुआपुर थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
    5.वाद संख्या 430/13 धारा 323/504/325 भादवि थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर से सम्बन्धित अभियुक्त रामप्रकाश पुत्र चोखे निवासी ग्राम चिता नगला मजरा रजुआपुर थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  4. वाद संख्या 731/14 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर से सम्बन्धित अभियुक्त बालकिशन पुत्र जसवन्त यादव निवासी ग्राम कुबेरपुर थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  5. वाद संख्या 2342/2024 धारा 4/25 आर्म्स एक्ट थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर से सम्बन्धित अभियुक्त रामौतार पुत्र बादाम सिंह निवासी ग्राम हैदलपुर थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  6. वाद संख्या 1449/17 धारा 323/504/325 भादवि थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर से सम्बन्धित अभियुक्त मोरपाल पुत्र रामलाला निवासी ग्राम नौसारा थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  7. वाद संख्या 723/213 धारा 323/504 भादवि थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर से सम्बन्धित अभियुक्त राजवीर पुत्र दुर्विजय निवासी ग्राम बडा बम्हौरा थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर समस्त अभियुक्तगणों

गिरफ्तारी करने वाली टीम –

  1. उ0नि0 विनय शुक्ला थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  2. यू0टी0/एस0आई0 दीपू सिंह थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  3. यू0टी0/एस0आई0 विनय कुमार थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  4. हे0का0 170 अजय कुमार थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  5. का0 2771 ऋषी यादव थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  6. का0 2770 प्रशान्त कुमार थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  7. का0 1974 पंकज कुमार थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  8. का0 2769 जोनी कुमार थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर
  9. का0 1021 विवेक सिंह थाना परौर जनपद शाहजहाँपुर

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!