नई दिल्ली: BSNL ने प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों Airtel, Jio, Vi (Vodafone-Idea) को टक्कर देने की तैयारी पूरी कर ली है। सरकारी टेलीकॉम कंपनी अगले महीने पूरे देश में 4G सर्विस लॉन्च कर सकती है। BSNL ने हाल ही में 10 हजार से ज्यादा मोबाइल टॉवर को 4G में अपग्रेड कर लिया है। सरकारी टेलीकॉम कंपनी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से 4G सर्विस को लेकर हिंट भी दिया है। कंपनी ने अपने X हैंडल से नए 4G रिचार्ज प्लान की डिटेल्स शेयर की है। इन प्रीपेड प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग (Voice Calling), 4G इंटरनेट डेटा समेत कई वैल्यू एडेड सर्विसेज का लाभ मिलेगा।

BSNL ने X हैंडल पर शेयर किया वीडियो:

कंपनी ने अपने आधिकारिक X हैंडल से नए अल्टीमेट मोबाइल प्लान का ऐलान किया। BSNL ने एक वीडियो शेयर किया है, इसमें कंपनी ने अपने इस अल्टीमेट प्रीपेड प्लान की डिटेल्स शेयर की है। इस वीडियो में कंपनी ने स्वदेशी 4G नेटवर्क मेंशन किया है, जो दर्शाता है कि कंपनी पूरे भारत में 4G लॉन्च करने की तैयारी पूरी कर चुकी है। BSNL के इन रिचार्ज प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग के साथ-साथ डेटा भी ऑफर किया जा रहा है। इसके अलावा यूजर्स को इंटरटेनमेंट, गेमिंग, म्यूजिक समेत कई वैल्यू एडेड सर्विसेज का लाभ दिया जा रहा है।

BSNL के अनलिमिटेड प्रीपेड प्लान:

STV118– BSNL के इस प्लान में 20 दिनों की वैलिडिटी ऑफर की जा रही है। इस प्लान में 10GB डेटा के साथ डेली 100 फ्री SMS और अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग (Unlimited Voice Calling Plan) का लाभ मिलेगा।
PV153 – सरकारी टेलीकॉम कंपनी का यह रिचार्ज प्लान में 26 दिन की वैलिडिटी ऑफर की जा रही है। इस प्लान में 26GB डेटा का लाभ मिलेगा। साथ ही, डेली 100 फ्री SMS और अनलिमिटेड कॉलिंग का लाभ मिलेगा।
PV199 – BSNL के इस प्रीपेड रिचार्ज प्लान 30 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है। इस प्लान में यूजर्स को डेली 2GB डेटा, 100 फ्री SMS और अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग का लाभ मिलेगा।
STV347– BSNL के 54 दिन वाले रिचार्ज प्लान में यूजर्स को डेली 2GB डेटा, 100 फ्री SMS और अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग का लाभ मिलेगा।
STV599 – सरकारी टेलीकॉम कंपनी के इस रिचार्ज प्लान में यूजर्स को डेली 3GB डेटा ऑफर किया जा रहा है। इस प्लान की वैलिडिटी 84 दिनों की है।
PV997 – BSNL के इस रिचार्ज प्लान में 160 दिनों की वैलिडिटी के साथ यूजर्स को डेली 2GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग, डेली 100 फ्री SMS जैसे लाभ दिए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!