कल रात्रि में बी.डी.ए.की लापरवाही से नगर निगम वाराणसी के सारनाथ वार्ड में आउटसोर्सिंग सफाई कर्मी की मौत । बाल्मीकी।

रोहित सेठ

कल दिनांक 17-8- 2024 को वाराणसी में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी का दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित था इसमें एक कार्यक्रम सारनाथ म्यूजियम पर रखा गया था रात्रि कालीन लगभग 12:00 बजे मुख्यमंत्री जी के आगमन को लेकर नगर निगम के सफाई कर्मी रोड की सफाई कर रहे थे ।उसी दौरान वी.डी.ए. के अधिकारियों व ठेकेदार की लापरवाही से छोड़े गए नंगे बिजली के तार की चपेट में पूरा उठाने के दौरान आ जाने से सुधु नामक आउटसोर्सिंग सफाई कर्मी जो विशाल प्रोडक्शन के अधीन नियुक्त था उसकी करंट लगने से मौत हो गई। मौके पर मौजूद सहयोगी सफाई कर्मियों द्वारा उसे पंडित दीनदयाल चिकित्सालय ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया ।कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया । जिसकी सूचना उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय एवं राज्य सफाई कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष श्रवण कुमार भारती को मिली। जिला अध्यक्ष द्वारा संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोनचंद बाल्मीकि को सूचना देते हुए पंडित दीनदयाल चिकित्सालय पहुंचा वहां से पुलिस द्वारा प्रशासनिक कार्यवाही करते पीएम हाउस भेजा गया था । नेता द्वय ने पीएम हाउस पहुंच कर मृतक आउटसोर्सिंग सफाई कर्मी के बुजुर्ग पिता को रोते बिलखते देखा धीरज बंधाया नेताओं ने संयुक्त संयुक्त बयान में कहां की इस तरह की घटनाएं अधिकारियों की उदासीनता व लापरवाही के कारण हो रही है। मृतक कर्मचारी अपने परिवार का एक मात्र कमाऊं सदस्य था अपने पीछे दो भाई एक बहन का परिवार छोड़ गया है ।75 वर्षी पिता पीएम हाउस पर रोते हुए बताया कि हमारे जिगर का टुकड़ा जो परिवार का घर चलाता था आज घटना का शिकार हो गया । अब हमारे परिवार की परवरिश एवं हमारी देखभाल कौन करेगा । नेता द्वयबे ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों की लापरवाही और वीडिये ठेकेदार द्वारा छोड़े गए इलेक्ट्रिक के नंगे तार से हुई मौत पर निशब्द हूं। नगर निगम प्रशासन से और वीडिये प्रशासन से मृतक कर्मचारी के परिवार को 50 लाख रुपया मुआवजा देने एवं मृतक के भाई को सरकारी नौकरी देने की मांग करता हूं।संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोनचंद बाल्मीकि ने घटित घटना की सूचना माननीय डॉक्टर लाल जी निर्मल जी एमएलसी एवं आशुतोष सिन्हा जी एम. एल .सी. जो नगर निगमन में भ्रष्टाचार जांच समिति के सदस्य हैं को देते हुए। वाराणसी के पूर्व मंत्री माननीय शतरुद्र प्रकाश जी को फोन से देते हुए विस्तार से बताया और पिड़ित परिवार को को न्याय दिलाने की मांग की किया ।इस संदर्भ में संघ ने घटना को लेकर आपात बैठक दिनांक 20.8.2024 को 2:00 बजे संघ कार्यालय नगर निगम मुख्यालय में कमरा नंबर 39 में बुलाई गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना को रोकने के लिए नगर निगम अधिकारियों के समक्ष अपने सुझाव प्रस्ताव पत्र देने पर विचार हो सके। आयोजित बैठक में वाराणसी नगर निगम के समस्त सफाई कर्मचारी संगठन व अन्य कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष महामंत्री तथा सामाजिक संगठनों के अध्यक्ष महामंत्री को सादर सूचना प्रेषित करते हुए बैठक में भागीदारी करने की अपील करता हूं ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके । और पिड़ित परिवार को उचित मुआवजा व न्याय मिल सके ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!