रिपोर्ट: फैसल ताहिर


🔵थाना सदर बाजार पुलिस द्वारा 01 अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक अवैध पिस्टल एवं 05 कारतूस जिंदा 7.65 बोर व एक एयर पिस्टल .177 बोर व एक डिब्बी छर्रे .177 बोर बरामद किया गया ।

   शाहजहांपुर। पुलिस अधीक्षक महोदय, जनपद शाहजहाँपुर के नेतृत्व में एवं श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक नगर, जनपद शाहजहाँपुर के निकट निर्देशन तथा श्रीमान क्षेत्राधिकारी नगर के निकट पर्यवेक्षण में जनपद में शान्ति व्यवस्था दृष्टिगत रखते हुए सुदृढ़ कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु अभियान चलाकर अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही करने के लिए निर्देश दिये गये थे ।
दिनांक 18.08.2024 को उ0नि0 श्री सुभाषचन्द्र दीक्षित थाना सदर बाजार शाहजहांपुर की टीम द्वारा खिरनीबाग चौराहे पर संदिग्ध वाहन/व्यक्तियो की चैकिंग की जा रही थी । इसी दौरान मुखबिर के द्वारा मिली सूचना के आधार पर एक अभियुक्त अभिषेक कुमार पुत्र श्री अनिरूद्ध कुमार नि0 म0नं0 302/1, नरपत नगर थाना बरहा जिला कानपुर नगर गिरफ्तार करके उसके कब्जे से एक अदद अवैध पिस्टल 7.65mm एवं 05 कारतूस जिंदा 7.65 बोर व एक अदद एयर पिस्टल .177 बोर व एक डिब्बी छर्रे .177 बोर बरामद  किया गया । इस घटना के सम्बन्ध मे  अभियुक्त अभिषेक उपरोक्त के विरूद्ध थाना सदर बाजार पर मु0अ0सं0 567/2024 धारा 3/25 A.ACT पंजीकृत किया गया एवं नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है ।  

गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरणः-
अभिषेक कुमार पुत्र श्री अनिरूद्ध कुमार नि0 म0नं0 302/1, नरपत नगर जरौली फेस-I थाना बरहा जिला कानपुर नगर।


बरामदगी का विवरणः-

  1. एक अदद अवैध पिस्टल 7.65mm
  2. 05 कारतूस जिंदा 7.65 बोर
  3. एक अदद एयर पिस्टल .177 बोर
  4. एक डिब्बी छर्रे .177 बोर
    गिरफ्तारी करने वाली टीमः-
  5. उ0नि0 श्री सुभाषचन्द्र दीक्षित , थाना सदर बाजार, जनपद शाहजहाँपुर।
  6. प्रशिक्षु उ0नि0 कृष्णपाल सिंह ,थाना सदर बाजार ,जनपद शाहजहांपुर ।
  7. कां0 2545 मो0 आकिब थाना सदर बाजार ,जनपद शाहजहांपुर ।

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!