रिपोर्टर फैसल ताहिर

अशोक कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर के निर्देशानुसार, श्री मनोज कुमार अवस्थी,अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन व श्री पंकज पंत, क्षेत्राधिकारी पुवायाँ के कुशल पर्यवेक्षण में चलाये जा रहे रोकथाम अपराध व गिरफ्तारी अपराधी के सघन अभियान के क्रम में द्वारा महिला के साथ घर मे घुसकर जबरदस्ती बलात्कार करने व जान से मारने की धमकी देने बाले अभियुक्त को सूचना के 04 घण्टे के अन्दर किया गिरफ्तार ।
संक्षिप्त विवरणः-
कल दिनांक 23.08.2024 को थाना पुवायाँ वादिनी मुकदमा द्वारा तहरीर देकर अभियुक्त अजय कुमार पुत्र दुर्जनलाल निवासी ग्राम मरैना थाना पुवायाँ शाहजहाँपुर द्वारा वादिनी के घर में घुसकर उसके साथ गलत काम करना तथा अभियुक्त अजय व रमेश के द्वारा जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में मु0अ0सं0 559/24 धारा 64(1)/127(2)/333/352/351(2) बीएनएस पंजीकृत कराया विवेचना मुझ प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान द्वारा स्वंय ग्रहण कर प्रारम्भ की गयी दौराने विवेचना मुखबिर खास द्वारा सूचना मिली की मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित अभियुक्त ग्राम चादर गौटिया से काम करके अपने घर वापस जा रहा है अगर जल्दी की जाए तो पकड़ा जा सकता है पुलिस वालो द्वारा मुखबिर बात पर विश्वास कर मुखबिर को साथ लेकर मुखबिर द्वारा बताए हुए स्थान पर पहुंचे तो मुखबिर खास ने दूर से ही इशारा कर बताया की वह व्यक्ति हैं और मुखबिर इशारा कर चला गया पुलिस वाले जैसे ही इन खडे व्यक्ति के पास पहुंचे तो पुलिस वालों को देखकर एकदम शकपका गया इस व्यक्ति को रोककर इससे नाम पता पूछते हुए जामा तलाशी ली तो इसके द्वारा अपना नाम अजय कुमार पुत्र दुर्जन लाल निवासी ग्राम मरैना थाना पुवायाँ जनपद शाहजहाँपुर उम्र करीब 27 वर्ष बताया यही मुकदमा हाजा के वांछित अभियुक्त हैं । अजय कुमार पुत्र दुर्जन लाल निवासी ग्राम मरैना थाना पुवायाँ जनपद शाहजहाँपुर को कारण गिरफ्तारी बताकर समय 22.16 बजे दिनांक 23.08.2024 को हिरासत पुलिस लिया गया । जिसको बाद आवश्यक विधिक कार्यवाही माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा।
गिरफ्तार अभियुक्त-

  1. अजय कुमार पुत्र दुर्जन लाल निवासी ग्राम मरैना थाना पुवायाँ जनपद शाहजहाँपुर उम्र करीब 27 वर्ष
    पंजीकृत अभियोग/गिरफ्तारीः
  2. मु0अ0सं0 559/24 धारा 64(1)/127(2)/333/352/351(2) बीएनएस
    गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम :-
    1.प्र0नि0 श्री हरपाल सिंह बालियान थाना पुवायाँ जनपद शाहजहाँपुर
    2.उ0नि0 श्री प्रमोद कुमार पुवायाँ जनपद शाहजहाँपुर
    3.म0उ0नि0 मोनिका तेवतिया पुवायाँ जनपद शाहजहाँपुर
    3.का0 2713 प्रवीण दहिया थाना पुवायाँ जनपद शाहजहाँपुर

By admin_kamish

बहुआयामी राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!