रिपोर्ट -अनुज कुमार शुक्ला

कृषि विभाग द्वारा संचारी रोगों से बचाव हेतु दरेरी गांव में आयोजित हुई गोष्ठी

कृषि रक्षा विभाग ने संचारी रोग नियंत्रण के लिए चूहा और छछूंदर से बचाव के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया जिसके तहत आज दिनांक 08/10/2024 को विकासखंड रमियाबेहड के दरेरी गांव में गोष्ठी संपन्न हुई जिसमें प्राविधिक सहायक कृषि अनिल कुमार ने बताया कि चूहा और छछूंदर से फसलों को नुकसान ही नहीं होता इनसे संचारी रोग भी फैलते हैं। चूहा व छछूंदर से बचाव करें। गोष्ठी में चूहा व छछूंदर के नियंत्रण के बारे में बताया गया। उनके द्वारा बताया गया कि चूहा व छूछूंदर से स्क्रब टायफस रोग होता है। इस बीमारी में डेंगू की तरह प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है। चूहे और छछूंदर के ऊपर पाए जाने वाले पिस्सू या चिगर्स के संपर्क में आने से यह बीमारी फैलती है। व्यक्ति को बुखार के साथ खुजली होने लगती है। लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। चूहों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए अन्न भंडारण कंक्रीट या धातु से बने पात्रों में करें। चूहे अपना बिल झाड़ियों, खेतों की मेड़ों पर बनाते हैं। इन पर रोक लगाई जाए। चूहों के प्राकृतिक शत्रु बिल्ली, उल्लू, लोमड़ी, बाज आदि को संरक्षण दें। चूहादानी का प्रयोग करके चूहों को फंसा कर आबादी से दूर छोड़ें। घरों में चूहा मार ब्रोमेडियोलोन 0.005प्रतिशत के बने चारे की 10 ग्राम मात्रा प्रत्येक बिल में रखने से चूहे उसे खाकर मर जाते हैं। विनोद कुमार द्वारा पराली को जलाने के बजाय खाद के रूप में उपयोग करने की विधि बताई गई। गोष्ठी में रामासरे गिरि,रोहित गोस्वामी, बलराम पुरी,मनीराम,महेश,संतोष सहित काफी संख्या में किसान शामिल हुए ।

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