डॉ. कल्पना पांडेय ‘नवग्रह’ द्वारा संपादित तुझको क्या हो गया बनारस ग्रंथ का लोकार्पण।

रोहित सेठ

वाराणसी डॉ. कल्पना पांडेय ‘नवग्रह’ द्वारा संपादित ” तुझको क्या हो गया बनारस ” ग्रंथ का लोकार्पण आज काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वैदिक विज्ञान केंद्र के सभागार में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ सविता चड्ढा ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर आनंद वर्धन, विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ अशोक कुमार ज्योति, वक्तव्य के लिए डॉक्टर अनिल कुमार सिंह और निर्णायक के रूप में डॉक्टर उपासना दीक्षित मंचासीन रहे।
विद्या-प्रेम संस्कृति न्यास द्वारा दिए जाने वाले इस वर्ष का प्रेम- रत्न सम्मान डॉ अनूप वशिष्ठ को और विद्या-श्री सम्मान डॉक्टर मुक्ता को दिए गए । आमंत्रित लघु कथाओं में सर्वश्रेष्ठ लघु- कथाकार सम्मान श्री संतोष परिहार को दिया गया।

इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में डॉ. सविता चड्ढा ने कहा बेटियाँ भी अपने माता-पिता का नाम प्रकाशित करती हैं । उन्होंने कहा डॉक्टर कल्पना पांडेय ने अपने पिता द्वारा लिखी गई रचनाओं को एक ग्रंथ के रूप में प्रकाशित करके जहाँ अपने पिता के नाम को समाज में प्रस्तुत किया है वहीं उनकी रचनाओं से समाज को प्रकाशित किया है।
मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य में डॉक्टर कल्पना पांडेय नवग्रह के इस आयोजन की भरपूर सराहना की । सम्मान प्राप्त करने वाले सभी साहित्यकारों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी ।
डॉ अनिल कुमार सिंह ने स्वर्गीय श्री प्रेम किशोर पांडे के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए अपने वक्तव्य में कहा
डॉ.उपासना दीक्षित ने निर्णायक के रूप में अपनी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए लघु कथा संग्रह के महत्वपूर्ण निर्णय की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी । विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉक्टर अशोक ज्योति ने विगत 5 वर्षों से विद्या -प्रेम संस्कृति न्यास द्वारा आयोजित समारोह के प्रति अपने अनुभवों को साझा किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉक्टर कल्पना पांडेय ने किया और आभार ज्ञापन डॉक्टर राकेश सिंह ने किया।
इस अवसर पर दिल्ली, मध्य प्रदेश, गाजियाबाद, नोएडा बनारस-रामनगर और उसके आस-पास के क्षेत्र से पधारे हुए कई साहित्यकार कवि उपस्थित रहे ।

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