फीकी रहेगी रोजगार सेवकों की होली, छह माह से मानदेय के लाले

सूरज गुप्ता
भनवापुरlसिद्धार्थनगर

स्थानीय ब्लाक क्षेत्र के रोजगार सेवकों को छह माह से मानदेय नहीं मिला है। परिवार की जरूरतों को पूरा करते करते रोजगार सेवक कर्जदार हो गए हैं। इस होली में भी मानदेय नहीं मिलने से रोजगार सेवकों की चिंता और बढ़ गई है। चिंता है कि होली कैसे मनाएंगे। बच्चों का रंग गुलाल कहां से खरीदेंगे। मेहमानों व दोस्तों को घर बुलाकर कैसे मुंह मीठा कराएंगे।
मनरेगा कार्यों के क्रियान्वयन के लिए दिसंबर 2007 में प्रत्येक गांव में रोजगार सेवकों की भर्ती की गई थी। मौजूदा समय में भनवापुर ब्लाक मे 79 रोजगार सेवक कार्यरत हैं। नियुक्ति के समय रोजगार सेवकों का मानदेय दो हजार रूपये था। लेकिन अब बढ़कर दस हजार रूपये हो गया है। लेकिन समय से भी मानदेय मिलता ही नहीं है। रोजगार सेवक संघ के ब्लाक अध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने बताया कि महंगाई कई गुना बढ़ गई है। लेकिन उसकी अपेक्षा मानेदय नहीं बढ़ाया गया है। इतना ही नहीं जो मानदेय मिलना चाहिए वह भी समय से नहीं मिल रहा है। उपाध्यक्ष अजय यादव ने बताया कि पिछले छह माह से मानदेय नहीं मिला है। रोजगार सेवकों को कर्ज लेकर परिवार का भरण पोषण करना पड़ रहा है। कई ऐसे रोजगार सेवक हैं जो पैसे के अभाव में परिवार के लोगों को उपचार नहीं करा पा रहे हैं। बच्चों की फीस नहीं जमा कर पा रहे हैं। इधर अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है। बच्चों के लिए नई किताबें,डे्रस, जूता, बैग आदि कहां से लिया जाय इसकी चिंता से रात को निंद नहीं आ रही है। वही ब्लॉक परिसर में रोजगार सेवकों ने इकट्ठा होकर आगे क्या करना है इस पर रणनीति बनाई है।इस दौरान संदीप तिवारी, संगीता ,माधुरी चौधरी ,ओम प्रकाश चौधरी ,राजमणि मौर्य, अखिलेश श्रीवास्तव,आलोक चौधरी ,जय कृष्ण ओझा, अनूप पांण्डेय, ऋषि राम मौर्य, अपूर्व नारायण पांण्डेय, अली मुर्तजा, सतीश शुक्ला, नीरज उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

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