एयरटेल और गूगल ने अपने पोस्टपेड और वाई-फाई ग्राहकों को गूगल वन सब्सक्रिप्शन देने के लिए साझेदारी की

रोहित सेठ

नई दिल्ली,: भारत की अग्रणी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल और गूगल ने आज एक साझेदारी की घोषणा की है, जिसके तहत एयरटेल के ग्राहकों को गूगल वन क्लाउड स्टोरेज सब्सक्रिप्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल उन ग्राहकों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी, जो सीमित डिवाइस स्टोरेज की समस्या का सामना कर रहे हैं। एयरटेल के सभी पोस्टपेड और होम वाई-फाई ग्राहक इस पेशकश के तहत छह महीने तक 100 जीबी का गूगल वन क्लाउड स्टोरेज बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के प्राप्त कर सकेंगे। ग्राहक यह स्टोरेज पांच अन्य लोगों के साथ साझा भी कर सकेंगे।

एयरटेल और गूगल की यह साझेदारी उस बढ़ती हुई चुनौती का समाधान करने के उद्देश्य से की गई है, जिसमें उपभोक्ता सीमित स्टोरेज के कारण बार-बार फाइलें डिलीट करने या महंगे फिजिकल स्टोरेज विकल्पों का सहारा लेने को मजबूर होते हैं। इस सुविधा से ग्राहक अपने फोटो, वीडियो, दस्तावेज़ और अन्य डिजिटल सामग्री को बिना किसी झंझट के स्टोर कर पाएंगे। इसके अतिरिक्त, एंड्रॉइड यूज़र्स के लिए व्हाट्सएप चैट्स का बैकअप भी गूगल अकाउंट स्टोरेज में सुरक्षित रहेगा, जिससे नए डिवाइस में स्थानांतरण आसान हो जाएगा। यह क्लाउड स्टोरेज सुविधा एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होगी, जिससे एयरटेल के विस्तृत और विविध ग्राहक वर्ग को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

इस साझेदारी पर बात करते हुए सिद्धार्थ शर्मा, डायरेक्टर मार्केटिंग और सीईओ – कनेक्टेड होम्स, भारती एयरटेल ने कहा, “आज स्मार्टफोन सिर्फ संचार का माध्यम नहीं, बल्कि पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को सुचारू ढंग से मैनेज करने का जरिया बन गए हैं। ऐसे में स्टोरेज की समस्या ग्राहकों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि गूगल के साथ साझेदारी के ज़रिए हम अपने ग्राहकों को एक सुरक्षित, भरोसेमंद और आसान क्लाउड स्टोरेज समाधान उपलब्ध करा रहे हैं। यह साझेदारी हमारे लाखों पोस्टपेड और होम वाई-फाई ग्राहकों को 100 जीबी अतिरिक्त स्टोरेज का लाभ उठाने का अवसर देगी।”

करेन टियो, वाइस प्रेसिडेंट, प्लेटफ़ॉर्म्स एंड डिवाइसेज़ पार्टनरशिप्स, गूगल एशिया-पैसिफिक ने कहा, “हम भारत में लाखों यूज़र्स तक गूगल वन की सुविधा पहुंचाने के लिए एयरटेल के साथ साझेदारी करते हुए बेहद उत्साहित हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को उनके मोबाइल डिवाइस में मौजूद फोटो, वीडियो और ज़रूरी फाइल्स का सुरक्षित बैकअप लेने में मदद करना है, ताकि वे गूगल फोटोज, ड्राइव, जीमेल और अन्य सेवाओं में अतिरिक्त स्टोरेज का लाभ उठा सकें।”

प्रारंभिक पेशकश के रूप में, यह 100 जीबी क्लाउड स्टोरेज सेवा एक्टिवेशन की तिथि से छह माह तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध होगी। इस अवधि के दौरान ग्राहक अपना डेटा सुरक्षित रूप से बैकअप कर सकेंगे और क्लाउड स्टोरेज की सुविधा का सहज रूप से इसका अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इस ऑफ़र का लाभ उठाने के लिए ग्राहकों को एयरटेल थैंक्स ऐप में लॉग इन कर इस ऑफर को क्लेम कर के एक्टिवेट करना होगा। छह माह की निःशुल्क अवधि के उपरांत, ₹125 प्रतिमाह की नाममात्र राशि ग्राहकों के मासिक बिल में जोड़ी जाएगी। यदि कोई ग्राहक सदस्यता जारी नहीं रखना चाहता है, तो वह अपनी गूगल वन सदस्यता समाप्त कर सकता है।

गूगल वन स्टोरेज की प्रमुख विशेषताएं:
● गूगल फोटोज, ड्राइव और जीमेल में उपयोग के लिए 100 जीबी क्लाउड स्टोरेज
● नए डिवाइस में डेटा ट्रांसफर या डिवाइस के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में फोटो, फाइल्स और व्हाट्सएप चैट्स का सुरक्षित बैकअप
● पांच अतिरिक्त लोगों के साथ फैमिली शेयरिंग की सुविधा, बिना किसी अतिरिक्त शुल्कके

गूगल वन की इस सुविधा के साथ, एयरटेल के ग्राहक अब डिजिटल सदस्यता विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला का आनंद ले सकेंगे, जो एयरटेल को अपने ग्राहकों के लिए एक समग्र और समृद्ध डिजिटल जीवनशैली अनुभव प्रदान करने वाले अग्रणी सेवा प्रदाता के रूप में स्थापित करता है।

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सदा -ए -मोबीन ❤️✍️ दहेजऔरउसका_निवारण (रोकना)…दुनिया के सभी मुल्कों की तरक्की उसमें रहने बसने वाले इंसानों की तरक्की पर निर्भर करती है हर मुल्क में भिन्न-भिन्न जाति समूह के लोग पाए जाते हैं और सभी जातियों की अपनी अपनी संस्कृति और परंपरा होती है, आज के दौर में दहेज लगभग सभी जातियों में विद्यमान एक परंपरा है, आधुनिक दौर में उन सभी स्थापित परंपराओं को खत्म करना अति आवश्यक है जो एक प्रजातंत्रात्मक देश में समानता के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं तथा समाज व देश की तरक्की में बाधक बनती हैं!दहेज प्रथा इसमें एक प्रमुख बाधा है इसे रोकने के लिए संसद ने 1961 में दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाया, अफसोस कि वह किताबों से निकलकर धरातल पर पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया यानी नागरिकों ने उस पर पूरी तरह से अमल नहीं किया!दहेज का मतलब किसी मूल्यवान प्रतिभूति से है यह हमारे समाज की एक अहम कुरीति के रूप में उभरती चली आ रही है, इस पे जिन पढ़े-लिखे, संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को रोक लगाना चाहिए वही इसका प्रदर्शन कर बढ़ावा दे रहे हैं, जिसका बुरा असर गरीबों पर पड़ता है उन्हें इससे मानसिक, भावनात्मक और असमानता जैसी प्रवृति का शिकार होना पड़ता है और अपनी लड़कियों को बोझ समझने लगते हैं!इसके कारण देश में औसतन हर एक घंटे में एक महिला दहेज संबंधी कारणों से मौत का शिकार होती है, दहेज के कारण ही घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आईपीसी 498 A, मारपीट, सीआरपीसी 125, तीन तलाक, आदि अपराध होते हैं, लोग अदालतों के चक्कर लगाकर हजारों रुपए व कीमती समय बर्बाद करते हैं और सरकारी मशीनरी के प्रयोग से देश पर आर्थिक बोझ पड़ता है!अगर सभी जातियों के पढ़े-लिखे, समाज व देश हित में सोचने वाले लोग इस प्रथा को खत्म करने के लिए अपने समाज से इस्लाही तहरीक (सुधार आंदोलन) शुरू कर दें तो यह पूरी तरह खत्म हो जाएगी!हमने अपने साथियों के साथ अपनी गद्दी (गाज़ी) बिरादरी से इस कुरीति को खत्म करने की तहरीक शुरू कर दी है!भारत के विभिन्न राज्यों में गद्दी बिरादरी के लोग रहते हैं हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में दहेज का चलन है हमारे समाज में अधिक दहेज की मांग करना, भारी-भरकम बारात ले जाना, तरह तरह का खाना बनवाना, बड़े-बड़े भौकाली लोगों को दावत देने को लोग अपनी प्रतिष्ठा समझते हैं! हम किसी से कम नहीं की भावना में जीने वाले हमारे गद्दी भाइयों यह सोच हमारी बिरादरी, समाज और देश की तरक्की में बाधक है!और तो और बहुत से पढ़े-लिखे हमारे नौजवान साथी यह सोच बना लेते हैं कि पढ़ लिख कर जब हमें नौकरी मिल जाएगी तो किसी पैसे वाले परिवार से हमारा रिश्ता होगा खूब दहेज मिलेगा और बहुत हसीन बीवी, यानी पढ़े-लिखे और नौकरी पेशा लड़कों में दहेज की इच्छा चार गुना बढ़ जाती है, और लड़की वाले भी यह सोच बना लेते हैं कि लड़का नौकरी वाला या पैसे वाला ही हो दहेज चाहे जितना देना पड़ जाए, मेरे गद्दी भाइयों यह सोच गलत है क्योंकि लालच में किया गया निकाह गलत है!मेरे गद्दी भाइयों हमारा दीन इस्लाम है और हमारे आदर्श हजरत मोहम्मद स. हैं, हमें अपने दीन और अपने आदर्श के बताए हुए रास्ते पर चलना है!हुजूर से शादी हजरत बीबी खदीजा रजि. ने इसलिए नहीं किया था कि वह कोई सरकारी हाकिम है या बहुत बड़े व्यापारी या जमींदार या किसी सियासी ओहदे पर हैं, बल्कि इसलिए किया था कि उनके अख्लाक, आदत, किरदार, व्यवहार, ईमानदारी, सादगी और सच्चाई की कोई मिसाल नहीं!मेरे नौजवान साथियों धन, दौलत, पद, प्रतिष्ठा हासिल करो मगर इसकी वजह से निकाह में विलंब ना करो और यह मिल जाने पर दहेज का लालच ना करो, तुम्हारा पद, दौलत तो लोगों को ही पसंद आएगी, लेकिन उसके साथ सादगी पसंद नेक इंसान बनो जो खुदा को पसंद आएगा!हम अपने ऑल इंडिया गद्दी समाज फेडरेशन के सभी अविवाहित नौजवान साथियों से गुजारिश करते हैं कि संकल्प लो कि हम अपनी शादी में बिल्कुल दहेज नहीं लेंगे दोस्तों अगर तुम्हीं इस पर अमल नहीं करोगे तो बिरादरी इस पर अमल कैसे करेगी, हुजूर साहब हर बात पर पहले खुद प्रैक्टिकल करते थे तब समाज के लोग मानते थे लिहाजा आप लोग इस पर अमल करने की मेहरबानी करें, दोस्तों त्याग अल्लाह को बहुत पसंद है, दहेज का त्याग करो!बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि के संगठन से जुड़े हमारे नौजवान साथी भी इस पर अमल करें और संकल्प लें!हुजूर ने अपनी बेटी की शादी में गृहस्ती की 9 चीजे दी थी और चंद खास लोगों को दावत दी थी,वो भी मेहर के पैस से!.. इस्लाम में बारात का भी कोई जिक्र नहीं है बारात को भी बाईकाट करें.. हम तो इसे लुटेरों का गैंग कहते हैं!हम लोग हुजूर की सुन्नत पर अमल करें निकाह में अपने चंद खास रिश्तेदारों व दोस्तों को ही ले जाएं ताकि लड़की वाले पर खाना देने का दबाव खत्म हो जाए!इस्लाम के मुताबिक निकाह में लड़की पक्ष का खर्च न के बराबर है वलीमा आदि लड़के वाले को करना चाहिए!मेरे गद्दी समाज के लोगों हमें अपने दीन पर मजबूती से अमल करना चाहिए, सुन्नत व हदीस के मुताबिक ही शादी करना चाहिए!