सलमान मालिक

हल्दौर, (बिजनौर )क्षेत्र के गांव छजुपुरा सादात में मौहर्रम की नौ तारीख को सवेरे आठ बजे से देर रात तक मजलिसों व जुलूस का सिलसिला जारी रहा। जिसमें पहली मजलिस इमामबारगाह में दूसरी मजलिस शमशाद हुसैन के मकान पर तीसरी मजलिस इमाम बारगाह में चौथी मजलिस दरगाहे फ़ातेमा ज़ैहरा में पाँचवी मजलिस इमाबरगाह आयोजित हुई मजलिसों को ज़ाकिरे अहलेबैत मौहम्मद रज़ा, मौलाना अहमद रज़ा ज़ैदी व मौलाना मैहदी अब्बास ज़ैदी ने ख़िताबत किया ।


मौलाना मैहदी अब्बास ने मजलिस को ख़िताबत करते हुए कहा की इमाम हुसैन ने फ़रमाया की जैसे अंसार मुझे मिले ऐसे अंसार मेरे नाना को मिले ना मेरे बाबा को मिले और ना मेरे भाई को मिले इसकी मिसाल शबे आशूर देखने को मिली जब इमाम हुसैन ने अपने अंसार को कहा की मै तुमसे अपनी बैअत उठता हूँ जिसे जाना है वो चला जाये लेकिन कोई नहीं गया और सबने कहा की हम अपने हाथों अपनी गर्दने काट लेंगे मगर आपको छोड़ कर नहीं जायेंगे मौलाना ने मजलिसों में शहादते हज़रत अली अकबर और शहादते हज़रत अली असगर बयान की जिसे सुनकर ज़ायरीन ज़ारो क़तार रो रहे थे
इमाम बारगाह से शबीहे ताबूत हज़रत अली अकबर,शबीहे गहवारा हज़रत अली असगर व शबीहे अलम हज़रत अब्बास का जुलूस निकाला गया जो गांव के मुख्य मार्गों से होता हुआ वापस इमामबारगाह पर पहुँच कर ख़त्म हुआ।
मजलिसों में मर्सिया खानी मौहम्मद रज़ा, मौहम्मद अब्बास, नायाब हैदर, मौहम्मद आलम, शमशाद हुसैन, मौहम्मद सालिम,शाहवेज़ ने पेश खानी रईस जैदी,शमशाद हुसैन व शाने हैदर ने की तथा नोहे खानी सालिम जैदी, शमशाद हुसैन,फ़िरोज़ मैहदी,रियाज़ुल हसन,रौशन अब्बास, सादिक़ रज़ा,ग़ाज़ी अब्बास,अम्मार ज़ैदी, यज़दान ज़ैदी ने की। कार्यक्रम का संचालन शाही वास्ती ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *