मुजफ्फरनगर।पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए संयुक्त पत्रकार महासभा ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सरताज अहमद ने पत्रकार सुरक्षा को लेकर ऐसा सशक्त और निर्णायक बयान दिया है, जिसने पत्रकारिता जगत में एक नई उम्मीद जगा दी है राष्ट्रीय अध्यक्ष सरताज अहमद ने साफ शब्दों में एलान किया
चाहे पत्रकार हमारे संगठन से जुड़ा हो या किसी और संगठन से, अगर उस पर जुल्म या अत्याचार होता है तो हम उसकी आवाज़ बनेंगे और उसकी लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और अगर इस स्तंभ को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। तो उसका पुरज़ोर विरोध किया जाएगा सरताज अहमद ने प्रशासन और सरकार को चेताते हुए। कहा कि पत्रकारों को झूठे मुकदमों में फंसाना, धमकाना या दबाव बनाना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
उन्होंने जोर देकर कहा कि संयुक्त पत्रकार महासभा सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि पत्रकारों की ढाल है, और यह ढाल हर अन्याय के सामने खड़ी रहेगी सरताज अहमद ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन हर स्तर पर पत्रकारों के साथ है चाहे वह तहसील स्तर हो, ज़िला स्तर हो या राष्ट्रीय मंच। यदि किसी भी पत्रकार पर उत्पीड़न होता है, तो संगठन उसे अकेला नहीं छोड़ेगा उन्होंने सरकार से मांग की कि पत्रकार सुरक्षा कानून जल्द से जल्द लागू किया जाए। और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। यह बयान न केवल पत्रकारों के हक की आवाज़ है, बल्कि उन तमाम संस्थानों को सीधा संदेश है जो कलम की ताकत को दबाना चाहते हैं।पत्रकार हितों की इस निर्णायक लड़ाई में सरताज अहमद का यह रुख एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
एम, डी, न्यूज़, मुजफ्फरनगर से रूखशीद अहमद की रिपोर्ट।

