जिला ब्यूरो चीफ इमरान क़ाज़ी
महोबा- जिलाधिकारी गजल भारद्वाज द्वारा राजकीय बहुउद्देशीय औद्यानिक इकाई, छतरपुर रोड महोबा में उद्यान विभाग द्वारा कराये जा रहे कार्यों का अवलोकन किया गया। जिला उद्यान अधिकारी द्वारा महोबा की सुप्रसिद्ध जी०आई० टैग प्राप्त पान की फसल के बारे में जानकारी देते हुये राजकीय पौधशाला में स्थापित पान बरेजा की जानकारी दी गई। जिला उद्यान अधिकारी द्वारा बताया गया कि प्राचीन समय से पान जनपद महोबा की प्रमुख फसल रही है। पान फसल के संरक्षण हेतु उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत कृषक प्रक्षेत्रों पर पान बरेजा का निर्माण कराया जाता है, जिसमें प्रति 1000 वर्गमी० पान बरेजा निर्माण पर कृषकों को रू0-50453 अनुदान के रुप में डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा पान के संरक्षण हेतु पान फसल को प्रसंस्करण करते हुये पान उत्पादों को प्रोत्साहित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। जिला उद्यान अधिकारी द्वारा बताया गया कि पान उत्पादक कृषकों को पान फसल में आ रही समस्याओं के त्वरित निदान एवं नवीन तकनीकी जानकारी प्रदान करने हेतु प्रदेश का एक मात्र पान प्रयोग एवं प्रशिक्षण केन्द्र जनपद महोबा में संचालित है, जिससे प्रतिवर्ष जनपद तथा प्रदेश के पान उत्पादक कृषकों को पान की नवीनतम कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है।जिला उद्यान अधिकारी द्वारा बताया गया राजकीय बहुउद्देशीय औद्यानिक इकाई जनपद की एक मात्र राजकीय फल पौधशाला है। जिसमें प्रतिवर्ष फलदार पौधों का उत्पादन कर वृक्षारोपण कार्यक्रम अन्तर्गत कृषकों,जनसामान्य को निःशुल्क पौध वितरित किये जाते हैं। साथ ही उद्यान विभाग द्वारा संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना व बुन्देलखण्ड एवं विन्ध्य क्षेत्र में औद्यानिक विकास योजनान्तर्गत कृषकों को नगद दरों पर पौध उपलब्ध कराते हुये जनपद में बागवानी क्षेत्र को बढ़ाया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा पौधशाला में बिक्री हेतु उपलब्ध अवशेष पौधों के समयान्तर्गत निस्तारण कराये जाने हेतु जनपद मुख्यालय में आउटलेट स्थापित करने तथा जिला पंचायती राज अधिकारी, अधिशाषी अभियन्ता नगर पालिका परिषद ,उपायुक्त श्रम रोजगार से समन्वय स्थापित करते हुये पौध उठान कराने हेतु निर्देशित किया गया। प्रभारी राजकीय पौधशाला – देवीचरन कुशवाहा द्वारा बताया गया कि वर्तमान में पौधशाला में अमरूद, नींबू, आंवला, कटहल, मोसम्मी, करौंदा, जामुन, सहजन, बेल आदि फलदार पौधों का उत्पादन किया जा रहा है जिसे आगामी वर्ष में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम अन्तर्गत कृषकों को निःशुल्क वितरित किया जायेगा।
