एम, डी ,न्यूज़, मुजफ्फरनगर से रूखशीद अहमद की रिपोर्ट।
मुजफ्फरनगर।उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की दशा और दिशा को लेकर लंबे समय से आवाज़ बुलंद कर रहे संयुक्त पत्रकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरताज अहमद ने एक बार फिर प्रदेश के चौथे स्तंभ की मजबूती के लिए निर्णायक कदम उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पत्रकारों की पेंशन व्यवस्था और सुविधाओं के व्यापक विस्तार की मांग की है। पत्र में सरताज अहमद ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि पत्रकार समाज के प्रहरी हैं, जो दिन-रात जनहित के मुद्दों को उजागर करने में जुटे रहते हैं। परन्तु उनके स्वयं के अधिकार और सुरक्षा व्यवस्था अभी भी उपेक्षित हैं। उन्होंने मांग की कि सभी वरिष्ठ पत्रकारों के लिए न्यूनतम पेंशन योजना लागू की जाए। पत्रकारों को चिकित्सा बीमा, आवासीय सुविधा और आकस्मिक सहायता निधि मिले प्रदेश में कार्यरत पत्रकारों को एक मान्यता प्राप्त निकाय द्वारा डिजिटल आईडी कार्ड दिए जाएं, जिससे वे असुविधा के समय प्रशासनिक सहयोग पा सकें ग्रामीण और तहसील स्तरीय पत्रकारों को भी सम्मान और सहायता मिले, जैसा कि राजधानी स्तर के पत्रकारों को प्राप्त है संगठन ने दिया।

पत्रकारों के लिए नया दृष्टिकोण संयुक्त पत्रकार महासभा ने यह भी संकेत दिया है। कि यदि पत्रकार हितों की अनदेखी जारी रही, तो प्रदेशभर में सामूहिक हस्ताक्षर अभियान, प्रेस कांफ्रेंस और जागरूकता रैलियों के माध्यम से सरकार पर नैतिक दबाव बनाया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष सरताज अहमद ने कहा पत्रकार लोकतंत्र की नींव हैं। जो समाज के लिए लड़ता है, उसके लिए भी लड़ना अब ज़रूरी हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संवेदनशील और न्यायप्रिय नेता हैं, हमें उम्मीद है कि वे हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे पत्रकारों मे दिखा उत्साह सगंठन को मिला सर्मथन कई वरिष्ठ पत्रकारों ओर संगठनों ने संयुक्त पत्रकार महासभा के इस कदम की प्रशंसा की है। ओर इसे पत्रकार समाज के भविष्य के लिए एतिहासिक पहल करार दिया है। यह पहल एक बार फिर साबित करती है। कि सयुंक् पत्रकार महासभा सिर्फ नाम का संगठन नही है। बल्कि पत्रकारों के हक ओर सम्मान के लिए। जमीनी संघर्ष करने वाला का संगठन है।
