पलिया कलां (खीरी) सावन की रिमझिम फुहारों और “हर-हर महादेव” के जयघोष के बीच जब कांवड़िये शारदा के जल को गोकर्णनाथ महादेव के चरणों में अर्पित करने निकल पड़े, तब उनके श्रद्धा-मार्ग को और सहज बनाने के लिए बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल, पलिया ने सेवा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।चीनी मिल के गेट संख्या दो पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ यात्रारत कांवड़ियों को भोजन, फल और प्रसाद से सत्कारपूर्वक सेवा प्रदान की गई।

भंडारे का उद्घाटन यूनिट हेड ओ.पी. चौहान ने भगवान शिव की आराधना एवं पुष्पांजलि के साथ किया। शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच जब पहला पूड़ी-सब्जी का थाल परोसा गया, तो वह केवल भोजन नहीं, श्रद्धा और संवेदना का प्रसाद बन गया।निघासन, संपूर्णानगर, चंदन चौकी जैसे क्षेत्रों से आए श्रद्धालु शारदा जल के संग अपने मन की आस्था लेकर गोला गोकर्णनाथ स्थित प्राचीन शिव मंदिर की ओर बढ़े, जिसे छोटे काशी के नाम से जाना जाता है।

यात्रा के इस कठिन पड़ाव पर यह भंडारा उनके लिए एक सांस्कृतिक विश्रामगृह सा प्रतीत हुआ।भंडारे में सेवा प्रदान करने हेतु चीनी मिल के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी तन-मन से जुटे रहे। उदय प्रताप सिंह, राजीव तोमर, संजीव दूबे, विकास मलिक, सतीश श्रीवास्तव, मोहित अवस्थी, मनोज मिश्र, वीरेंद्र सिंह, प्रवीन खोखर, हरीश जोशी, शिव सिंह बजेठा, अशोक आरा, सुरेंद्र पांडे, सतीश सिंह सहित अनेक सहयोगियों ने न केवल सहभागिता निभाई, बल्कि प्रसाद वितरण में सक्रिय भागीदारी भी की।

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