धर्मेन्द्र कसौधन(ब्यूरो):उत्तर प्रदेश के जूनियर हाईस्कूल व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं की स्वच्छता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इन स्कूलों में अब इंसीनरेटर ( सेनेट्री पैड नष्ट करने की मशीन ) लगाया जाएगा। स्कूलों को यह सुविधा देने के लिए स्वच्छ भारत मिशन फेज दो के तहत धनराशि मुहैया कराई जा चुकी है।इंसीनरेटरों के इस्तेमाल के लिए माकड्रिल करते हुए बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जाए। महानिदेशक विजय किरन आनंद ने जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि करीब 44 हजार से अधिक जूनियर हाईस्कूल व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में इंसीनरेटर नहीं है वहां स्थापित कराया जाए।साथ ही जिन विद्यालयों में मशीन पहले से लगी है उसका रखरखाव ठीक ढंग से किया जाए। इंसीनरेटरों की स्थापना, रखरखाव व प्रचार प्रसार के लिए स्कूलों को स्वच्छ भारत मिशन फेज दो व पंद्रहवें वित्त आयोग के प्रविधानों के मुताबिक फंड उपलब्ध है, इसके रखरखाव की समीक्षा की जाएगी। प्रदेश के सभी जूनियर स्कूलों में अब इंसीनरेटर (सेनेटरी पैड नष्ट करने की मशीन) लगाया जाएगा। पंद्रहवें वित्त आयोग की धनराशि से इंसीनरेटर लगाए जाएंगे।

इस संबंध में महानिदेशक विजय किरन आनंद ने आदेश जारी कर दिया है। इससे प्रदेश के 44 हजार जूनियर स्कूलों की बालिकाओं को लाभ मिलेगा। जिन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में इंसीनरेटर नहीं है, वहां भी स्थापना करने के आदेश हैं।

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