
रिपोर्टर नौशाद मलिक
नानकचंद आढ़ती समेत कई समाजबंधुओं ने चुनाव को अवैध करार दिया
बिजनौर। जनपद बिजनौर के हल्दौर स्थित राधे कृष्ण फार्म हाउस में 31 अगस्त को प्रजापति समाज की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में त्रिवर्षीय जिला कार्यकारिणी के गठन और जिलाध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया पूरी की गई।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में जिले भर से बड़ी संख्या में प्रजापति समाज के लोग शामिल हुए। इसी दिन चांदपुर में भी समाज की बैठक हुई थी, लेकिन हल्दौर की सभा में कार्यकारिणी गठन का मुख्य कार्यक्रम रखा गया।
सभा के बाद कुछ समाजबंधुओं ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं कराई गई। उनका कहना है कि कार्यकारिणी और जिलाध्यक्ष का नाम पूर्व में ही तय कर लिया गया था और बैठक में केवल औपचारिकता निभाई गई। आरोप यह भी लगाया गया कि आयोजन के लिए समाज से चंदा वसूला गया, जबकि पहले कभी किसी सभा के लिए चंदा नहीं लिया गया था।
नानकचंद आढ़ती (नजीबाबाद) ने दूरभाष पर बातचीत में कहा कि उन्होंने भी जिलाध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की थी, लेकिन राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ (रजि.) की चुनाव समिति की नीतियाँ स्पष्ट नहीं रहीं। उनके अनुसार, चुनाव में पारदर्शिता न होने के कारण इसे अवैध माना जा रहा है।
उधर, प्रजापति समाज के कुछ बंधुओं ने इस प्रक्रिया पर असहमति जताई है, वहीं समर्थकों का कहना है कि चुनाव समिति ने नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी की।
समाज में इस विषय पर चर्चाएँ तेज हैं और कई लोग इस पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
फोटो कैप्शन :- हल्दौर में आयोजित राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ बिजनौर के कार्यक्रम में नवनियुक्त पदाधिकारी। तस्वीर में नानक चंद आढ़ती भी मौजूद हैं, जिन्होंने इस चुनाव को अवैध करार दिया है।
