।संवाददाता – ओम प्रकाश। लखनऊ। बाराबंकी।बाराबंकी – अस्पताल हम सभी जानते हैं, कि यहां लोग मौत और जिन्दगी से लड़ते है। लेकिन ऐसा ही एक अस्पताल है बाराबंकी के मनकपुर मोड़ पर स्थित बालाजी केयर अस्पताल जहां मरीजों के साथ गोरखधंधा किया जा रहा है। लोगों से मनचाहा पैसा लेकर भी मरीजों को सुविधाओ से वंचित रखा जा रहा है।ऐसे ही कई लोगों से मेरी बात हुई जिन्होंने उस अस्पताल की आंखों देखी स्थिति बयां की।लोगों ने बताया की इस अस्पताल के कर्मचारी बड़ी-बड़ी बातें करके मरिजो को झांसें में लेकर उनके साथ धोखा करते हैं।अभी ताजा मामला ये है की बालाजी केयर अस्पताल में एक दम्पति गोविंद साहू जी का सामने आया है। जहां उन्होंने बताया की मेरी पत्नी रीता साहू की डिलीवरी होनी थी, अचानक उठे पेट में दर्द के बाद हमने अपनी पत्नी को सरकारी अस्पताल ले जा रहे थे तभी बालाजी केयर अस्पताल के कर्मचारियों ने उनको झांसे में लेकर वहां ले जाने से मना करने लगे। और कम से कम खर्चे पर डिलीवरी करने का आश्वासन दिया। जिससे दम्पति ने अपनी पत्नी को वहां भर्ती करा दिया। जहां पर महिला ने बच्चे को जन्म दिया और महिला को इलाज के उपरांत डिस्चार्ज कर दिया गया।लेकिन 6 दिन बाद फिर महिला के पेट में अचानक पीड़ा उठी और परिजन उसे लेकर तुरंत मनकपुर स्थिति बालाजी केयर अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने मरीज का इलाज करने से मना कर दिया। जिससे परिजन हैरान रह गए।मरिज की स्थिति बिगड़ने ना पाए जिससे परिजन समय को न गंवाते हुए उसे लखनऊ के फातिमा चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है ।सवाल ये है की महिला की अगर सही ढंग से डिलीवरी की गई तो 6 दिन बाद महिला की हालत गंभीर कैसे हो गई।क्या डिलीवरी गलत तरीके से की गई या मेडिसिन उपकरणों में कुछ गलत दिया गया जिससे मरीज की हालत गंभीर हो गई।अगर ये सब सही था तो अचानक इलाज न करना हैरान करने वाला है। क्या उनको परिस्थितियों का पहले से अंदेशा था। शायद उन्हे पता था कि महिला की स्थिति बिगड़ सकती है, इसके बावजूद उन्होंने उन्हें सही सलाह न देकर सीधा घर भेज दिया।लेकिन पीड़ित ने अपनी शिकायत सीएमओ से लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग में की लेकिन अस्पताल को लेकर अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है।वहीं हमने कई लोगों से सवाल जबाव किये जिन्होंने ने इस अस्पताल के झांसे में आकर अपना बहुत कुछ खोया है।लोगों ने बताया कि जितना इसका नाम सुने थे यह उतना ही अंदर से खोखला है। आगे लोगों को सचेत करेंगे की ऐसे संस्थानो से दूर रहें।वही इस तरह के अस्पतालो पर प्रशासन द्वारा अभी तक ताला क्यों नहीं डाला गया है। जहां लोगों की जिंदगी मौत का सौदा किया जाता हो।

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