रिपोर्ट-अजय कुमार
निघासन (खीरी)।
बाढ़ की तबाही से जूझ रहे निघासन क्षेत्र के ग्राम पंचायत बरोठा का एक परिवार अचानक हुए हादसे से गहरे सदमे में है। गांव का युवक अंकित (पुत्र पहलाद) मवेशियों के लिए चारा लेने जा रहा था। तभी पैर फिसलने से वह रपटा पुलिया से बाढ़ के तेज बहाव में जा गिरा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह उसकी जान तो बचा ली, लेकिन पानी में डूबने से युवक की हालत नाजुक हो गई। जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे लखनऊ के मैनकाइंड हॉस्पिटल रेफर कर दिया।
हादसे के बाद गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में इलाज के लिए पैसे का संकट खड़ा हो गया। यह देख गांव के लोग आगे आए और मदद की पहल की। इसी बीच ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमनदीप सिंह भी परिवार के सहारे बने। उन्होंने पीड़ित परिवार से फोन पर बातचीत कर न केवल आर्थिक6 सहयोग प्रदान किया, बल्कि भरोसा दिलाया कि
“आपके दुख-सुख में मैं हर वक्त साथ खड़ा हूं। जब तक बच्चा पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाता, परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। किसी भी जरूरत पर बेझिझक मुझे कॉल करें, मैं मदद के लिए हमेशा तैयार हूं।”
अमनदीप सिंह की इस पहल से परिवार की आंखें भर आईं। गांववासियों ने भी उनके इस मानवीय कदम की सराहना की और कहा कि मुश्किल घड़ी में गरीब परिवार का सहारा बनना वास्तव में बड़ी बात है।
बाढ़ की विभीषिका झेल रहे क्षेत्र में यह घटना लोगों को भावुक कर गई। जहां एक ओर परिवार इलाज के लिए जद्दोजहद कर रहा है, वहीं समाज के जिम्मेदार लोग व ग्रामीण आगे बढ़कर इंसानियत की मिसाल पेश कर रहे हैं।
