संवाददाता अर्पित कुमार त्रिवेदी

राशन कार्ड की जांच में हुआ बड़ा खुलासा, छूटे हुए लाभार्थी तीन माह में अवश्य करा लें ई केवाईसी सीतापुर — जिले में राशन कार्ड धारकों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया गया कि बयालिस हजार सात सौ इक्यावन मृतकों के नाम राशन कार्ड में दर्ज हैं।इसके अलावा चौव्वन हजार नौ सौ उन्निस ऐसे लाभार्थी हैं जो प्रदेश से बाहर रह रहे हैं और इक्यावन हजार तीन सौ सत्रह महिलाओं का विवाह हो चुका है और वे दूसरे जिलों में निवास कर रही हैं।ई-केवाईसी का सत्यापन न करने वालों की संख्या जिले में तीस लाख तेईस हजार नौ सौ बासठ राशन कार्ड लाभार्थियों के सापेक्ष चार लाख तिरसठ हजार उन्तिस लाभार्थियों ने ई-केवाई सी नहीं कराई है। इसमें आधार प्रमाणी करण में त्रुटि होने के कारण इक्यानवे हजार छब्बिस लाभार्थियों का ई के वाई सी नहीं हो सका। एक लाख नब्बे हजार दो सौ तेरह लाभार्थी सत्यापन कराना ही नहीं चाहते हैं और तीन हजार तिरपन लाभार्थियों के पास आधार नहीं है।जिला पूर्ति अधिकारी अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिन लाभार्थियों की ओर से ई- के.वाई.सी. नहीं कराया गया है, वह तीन माह में करा लें। अन्यथा उनका नाम राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि जिन लाभार्थियों के आधार कार्ड तकनीकी कारणों से नहीं बने हैं और अत्यन्त बुजुर्ग होने के कारण उनका सत्यापन आधार से नहीं हो रहा है,उन्हें फोटो सहित सत्यापन कराने की छूट दी गई है। पूर्ति विभाग की ओर से राशन कार्ड में अंकित सभी यूनिट का सत्यापन किया जा रहा है। इसके लिए सम्बन्धित यूनिट को ई-केवाईसी कराना है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिन लाभार्थियों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है, उनका राशन रोका जा सकता है।

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फतेहपुर: रेडक्रॉस सोसाइटी ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए जीवन रक्षा और सामाजिक जागरूकता के गुर MD NEWS बहुआयामी समाचार। रिपोर्ट शाहनूर आलम जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख फतेहपुर फतेहपुर। अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर आज राजकीय महिला महाविद्यालय की एनसीसी कैडेट्स के लिए एक वृहद जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान का आयोजन किया गया। इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के तत्वावधान और डॉ. सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन के संयोजकत्व में यह कार्यक्रम रेडक्रॉस भवन में संपन्न हुआ। अभियान का नेतृत्व रेडक्रॉस के चेयरमैन व उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने किया।कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स को मुख्य रूप से चार महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया:टीबी जागरूकता: मुख्य वक्ता डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने कैडेट्स को टीबी बीमारी के लक्षण, बचाव और उपचार की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी को ‘निक्षय मित्र’ बनकर समाज से टीबी उन्मूलन में सहयोग करने का आह्वान किया।जल संरक्षण: डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने पानी की हर बूंद को कीमती बताते हुए स्कूलों/घरों में ‘वाटर बेल’ लगाने और आरओ (RO) से निकलने वाले वेस्ट पानी को एकत्र कर उपयोग में लाने की अपील की। इस दौरान जल संरक्षण जागरूकता निवेदन पत्रक भी बांटे गए।नशामुक्ति संकल्प: कैडेट्स को जागरूक करते हुए वक्ताओं ने कहा, “हमारा शरीर डस्टबिन नहीं है।” तंबाकू से कैंसर और अत्यधिक अल्कोहल से लिवर की गंभीर बीमारियां होती हैं। इसके बाद सभी कैडेट्स ने खुद नशे से दूर रहने और दूसरों को प्रेरित करने की शपथ ली।सीपीआर (CPR) प्रशिक्षण: डॉ. अनुराग ने आपातकालीन स्थिति में जान बचाने के लिए ‘कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन’ (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का दिल काम करना बंद कर दे, तो 1 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति को 1 मिनट में 120 बार दबाव व 8 बार मुंह से सांस (30 बार दबाव और 2 बार सांस का चक्र) देकर और 1 वर्ष से छोटे बच्चे को 1 मिनट में 60 बार दबाव व 8 बार सांस देकर जीवन बचाया जा सकता है।इस सफल आयोजन में रेडक्रॉस के कार्यकारिणी सदस्य चैतन्य कुमार और प्रबंध समिति सदस्य उमेश कुमार श्रीवास्तव ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।