वाराणसी: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधि प्रकोष्ठ, काशी क्षेत्र के संयोजक एवं अधिवक्ता श्री शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा दिनांक 7 सितंबर 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त, भारत को प्रस्तुत किए गए प्रार्थना पत्र पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है।
त्रिपाठी के प्रार्थना पत्र में दिनांक 28 अगस्त 2025 को बिहार के दरभंगा जिले में आयोजित ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत राहुल गांधी की रैली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं उनकी स्वर्गीय माता, श्रीमती हीराबेन मोदी के खिलाफ कांग्रेस और राजद कार्यकर्ताओं द्वारा अभद्र, अपमानजनक और अश्लील नारेबाजी के वीडियो प्रसारित होने की बात कही गई थी। उन्होंने इस आपराधिक कृत्य के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की प्रासंगिक धाराओं एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अंतर्गत FIR दर्ज करने की मांग की थी। चुनाव आयोग ने उक्त प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामला गंभीरता से लिया। आयोग ने दिनांक 7 सितंबर 2025 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर बिहार, विक्की कुमार द्वारा वाराणसी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निम्न निर्देश जारी किए। शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुत शिकायत की जांच करें। संबंधित स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
जांच निष्पक्ष, त्वरित एवं प्रभावी हो, ताकि सामाजिक सौहार्द और चुनाव प्रक्रिया की गरिमा बनी रहे।
जांच की प्रगति व हुई कार्रवाई की रिपोर्ट शीघ्रता से चुनाव आयोग को प्रस्तुत करें।चुनाव आयोग ने इस मामले में सरकारी अधिकारियों को विस्तृत और स्पष्ट निर्देश दिए हैं ताकि इस प्रकार के सोशल मीडिया माध्यम से फैलने वाले सामाजिक तनाव उत्पन्न करने वाले कृत्यों की समय रहते रोकथाम हो सके। श्री त्रिपाठी ने चुनाव आयोग के सक्रिय और त्वरित कदमों का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी व्यक्तियों का सम्मान एवं सामाजिक शांति का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। यह कार्रवाई चुनाव आयोग के संवेदनशीलता एवं कानून व्यवस्था के संकल्प को दर्शाती है।

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