गोला खीरी। अलीगंज मार्ग पर ऊँची भूड़ स्थित नूरी मस्जिद के पास बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया। लगभग 70 वर्षीय महिला सदरून निशा पत्नी स्व. फय्याज मिस्त्री, निवासी मोहल्ला नीची भूड़, गोला, गोमती एक्सप्रेस (15009) समय लगभग 11.20 am बजे ट्रेन की चपेट में आकर मौत का शिकार हो गईं जिनकी पहचान सदरून निशा की बहु परवीन पत्नी अनवर ने की।


जानकारी के मुताबिक, सदरून निशा भूतनाथ क्रॉसिंग के पास अपनी बेटी के घर जा रही थीं। इसी दौरान सामने से आ रही गोरखपुर-पीलीभीत जा रही गोमती एक्सप्रेस ने उन्हें टक्कर मार दी स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


परिजनों के अनुसार, सदरून निशा का गुजारा लोगों से रुपये-पैसे मांगकर चलता था। उनके पति फैय्याज मिस्त्री का पहले ही निधन हो चुका था। मृतका के पुत्र का नाम इकबाल बताया जा रहा है।
रेलवे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा है।

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फतेहपुर: रेडक्रॉस सोसाइटी ने एनसीसी कैडेट्स को सिखाए जीवन रक्षा और सामाजिक जागरूकता के गुर MD NEWS बहुआयामी समाचार। रिपोर्ट शाहनूर आलम जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख फतेहपुर फतेहपुर। अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर आज राजकीय महिला महाविद्यालय की एनसीसी कैडेट्स के लिए एक वृहद जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान का आयोजन किया गया। इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के तत्वावधान और डॉ. सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन के संयोजकत्व में यह कार्यक्रम रेडक्रॉस भवन में संपन्न हुआ। अभियान का नेतृत्व रेडक्रॉस के चेयरमैन व उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने किया।कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स को मुख्य रूप से चार महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया:टीबी जागरूकता: मुख्य वक्ता डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने कैडेट्स को टीबी बीमारी के लक्षण, बचाव और उपचार की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी को ‘निक्षय मित्र’ बनकर समाज से टीबी उन्मूलन में सहयोग करने का आह्वान किया।जल संरक्षण: डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने पानी की हर बूंद को कीमती बताते हुए स्कूलों/घरों में ‘वाटर बेल’ लगाने और आरओ (RO) से निकलने वाले वेस्ट पानी को एकत्र कर उपयोग में लाने की अपील की। इस दौरान जल संरक्षण जागरूकता निवेदन पत्रक भी बांटे गए।नशामुक्ति संकल्प: कैडेट्स को जागरूक करते हुए वक्ताओं ने कहा, “हमारा शरीर डस्टबिन नहीं है।” तंबाकू से कैंसर और अत्यधिक अल्कोहल से लिवर की गंभीर बीमारियां होती हैं। इसके बाद सभी कैडेट्स ने खुद नशे से दूर रहने और दूसरों को प्रेरित करने की शपथ ली।सीपीआर (CPR) प्रशिक्षण: डॉ. अनुराग ने आपातकालीन स्थिति में जान बचाने के लिए ‘कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन’ (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का दिल काम करना बंद कर दे, तो 1 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति को 1 मिनट में 120 बार दबाव व 8 बार मुंह से सांस (30 बार दबाव और 2 बार सांस का चक्र) देकर और 1 वर्ष से छोटे बच्चे को 1 मिनट में 60 बार दबाव व 8 बार सांस देकर जीवन बचाया जा सकता है।इस सफल आयोजन में रेडक्रॉस के कार्यकारिणी सदस्य चैतन्य कुमार और प्रबंध समिति सदस्य उमेश कुमार श्रीवास्तव ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।