गगन सिंह चौहान

शाहजहांपुर। रौसर कोठी में पिछले 100 वर्षों से परंपरागत रूप से आयोजित हो रही श्रीरामलीला और मेला इस बार विवादों में घिर गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि चीनी मिल प्रशासन जानबूझकर हर वर्ष किसी न किसी बहाने से अड़चनें खड़ी करता है। पिछले वर्ष भी मेले को प्रतिबंधित करने की कोशिश की गई थी। लेकिन विरोध के बाद उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप से आयोजन शुरू कराया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार भी परंपरागत स्थल से मेला हटाकर एकांत स्थान पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका आरोप है कि मिल प्रशासन की मंशा परंपरा से जुड़े इस धार्मिक आयोजन को समाप्त करने की है। इसी को लेकर हिंदू संगठन, हिंदू जागरण मंच और ग्रामवासी एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ मुखर हो गए। गुरुवार को जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन रामचंद्र मिशन प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र गुप्ता को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि श्रीरामलीला मेला अपने परंपरागत स्थल पर ही आयोजित कराया जाए। चेतावनी दी गई कि यदि उचित व्यवस्था नहीं कराई गई तो शनिवार को सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट गेट पर विशाल जन आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों और संगठनों ने साफ कहा है कि किसी भी कीमत पर मेला उस स्थान से नहीं हटने दिया जाएगा। स्थिति बिगड़ने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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