देहली विनायक कुंड में छठ पूजा का पर्वधूमधाम से मनायाजा रहा है छठ पूजा का पर्वजहां पर दूर-दूर से भक्त आ रहे हैं और छठ पूजा का पर्व मना रहे हैं या पूजा दीपावली के छठवें दिन होती है सुबह और शाम दोनों टाइम पूजा की जाती है तीर्थ सरोवर को भिन्न-भिन्न लाइटों और दुकानों से सजाया गया है श्रद्धालुलोग तीर्थ सरोवर के अंदर जाकर भी पूजा करते हैं यह पूजा सुबह सूर्योदय से पहले की जाती हैसोमवार को डूबते हुए सुरज को छठ पूजा का पहला अर्ध्य पानी में खड़े होकर सूर्य देव को दिया गया तथा प्रसाद का वितरण किया गया इससे पूर्व छठ पूजा घाटों को सजाया गया।
सोमवार की देर शाम बड़ी संख्या में छठ व्रती अपने पूरे परिवार एवं गाजे-बाजे के साथ छठ घाट पर पहुंचे। शाम को पूरे विधि-विधान से छठ व्रतियों ने डूबते सूर्य एवं छठ माता की आराधना की। बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि व अन्य लोग भी व्रतियों को पर्व की शुभकामनाएं देने छठ घाटों पर पहुंचे। सूर्य देव की उपासना का यह पर्व शुद्धता, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला है। सूर्य देव के साथ-साथ छठी मैया की पूजा का विधान है। इस व्रत में सूर्य और षष्ठी माता दोनों की उपासना होती है। इसलिए इसे सूर्यषष्ठी भी कहा जाता है। दिन में छठी व्रतियों ने गेहूं, घी व शक्कर का ठेकुआ, चावल, घी और शक्कर का लड्डू प्रसाद के लिए बनाया। बांस के बने सूप डाला, दौरा, टोकरी में प्रसाद को रखा गया। इसके साथ ही प्रसाद के रूप में सेब, केला, अमरूद, नींबू सहित अन्य फल प्रसाद के रूप में रखे गए।

रिपोटर मुन्ताज अली

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