*महादेवा महोत्सव में भजनों व लोकगीतों ने बांधा समा*
सहायक क्राइम प्रभारी -विशाल गुप्ता बाराबंकी


महादेवा महोत्सव के सांस्कृतिक पांडाल में पूर्णिमा और सरगम ग्रुप की लोक गायिका पुष्पा त्रिवेदी तथा उनके सहयोगी कलाकारों ने भजन और लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया
। कार्यक्रम की शुरुआत पुष्पा त्रिवेदी के भजन “करुणा निधान रउवा जगत के दाता” से हुई। इसके बाद “मेरी विनती सुनो सांवरे राम जी” की प्रस्तुति ने उपस्थित भक्तों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। लोकगीत “तोहार दूल्हा गौरा सबसे निराला” की प्रस्तुति ने पांडाल में तालियों की गड़गड़ाहट भर दी। तेजस्वी त्रिवेदी द्वारा प्रस्तुत शिवगीत “लाईके शिव के मनाई हो” को भी दर्शकों ने खूब सराहा। आशा त्रिवेदी ने महादेवा लोधेश्वर धाम पर आधारित गीत “चलो चली भइय्या महादेवा लोधेश्वर की शिवनगरी” प्रस्तुत कर भक्तिमय माहौल को चरम पर पहुँचा दिया।
