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जिला सहायक ब्यूरो प्रमुख
रोहित जैन जनपद मुजफ्फरनगर
दानिश दिल्ली ब्लास्ट का आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर का सहयोगी था. कड़ी सुरक्षा के बीच उसे श्रीनगर से दिल्ली लाया गया. पूछताछ में दानिश ने कई बड़े खुलासे किए हैं.जांच में सामने आया है कि आतंकी लगातार ऐसे ड्रोन तैयार करने की कोशिश में लगे थे, जिन्हें मॉडिफाई करके हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सके. ड्रोन में कैमरा और बैटरी के साथ छोटे बम लगाने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही मॉड्यूल पकड़ा गया.आतंकवाद रोधी एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अनंतनाग के काजीगुंड निवासी वानी ने कथित तौर पर ड्रोन में बदलाव करके और घातक कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट बनाने का प्रयास करके आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की थी. बयान के मुताबिक वानी को दानिश के नाम से भी जाना जाता है और उसे एनआईए की टीम ने श्रीनगर से गिरफ्तार किया.एनआईए के बयान के मुताबिक, ‘‘जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड का निवासी आरोपी इस हमले का सक्रिय सह-षड्यंत्रकारी था और उसने आतंकवादी हमले की साजिश रचने के लिए आतंकवादी उमर उन नबी के साथ मिलकर काम किया था.’एनआईए ने लाल किले के पास जिस कार में ध!माका हुआ था उसे चला रहे उमर उन नबी को ‘आत्@मघाती हमलावर’ बताया है. साथ ही एजेंसी ने कार के लिए ‘‘वाहन-जनित संवर्धित विस्फोटक उपकरण’ (वीबीआईईडी) शब्द का भी इस्तेमाल किया है.फोरेंसिक जांच में खुलासा हुआ है कि वीबीआईईडी धमाके में मारा गया वाहन चालक उमर उन नबी ही था, जो मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला था और फरीदाबाद में स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय के सामान्य चिकित्सा विभाग में सहायक प्रोफेसर पद पर कार्यरत था।

