
ऐतिहासिक अद्भुत अद्वितीय एकाकी सम्पूर्ण कंठस्थ दंडक्रम वेद पारायण गणेश्वरशास्री द्राविड के सानिध्य मे हुआ शुरू।
वाराणसी कैलासवासी वैदिक सम्राट श्रीकृष्णशास्री गोडशे गुरूजी वाराणसी एवं नासिक इनकी जन्मशताब्दी वर्ष के निमित्त श्रुती स्मृती ज्ञानमंदिर वेदविद्यालय अहिल्यानगर द्वारा आयोजित ऐतिहासिक अद्भुत अद्वितीय एकाकी सम्पूर्ण कंठस्थ दंडक्रम वेद पारायण जो की पूज्य वेदब्रह्मश्री विश्वनाथ गुरुजी आलंदी एवं पूज्या रत्नगर्भा स्वर्गीय दंडक्रम पारायण कर्ता की माताजी को समर्पित हो रहा है. यह पारायण प्रसिद्ध सांगवेद विद्यालय रामघाट वाराणसी मे पूज्य तपोमूर्ती अयोध्या रामजन्मभूमी के तिथी निर्णय कर्ता गणेश्वरशास्री द्राविड गुरुजी के पावन सान्निध्य में हो रहा है.आज इस पारायण मे भारतवर्ष की अनेक महान विभूती मां भारती की सेवा में अविरत कार्य करनेवाले सज्जनो का आगमन हुवा.आजके पारायण के विशेष श्रोता में तमिळनाडू तिरुचनापल्ली से ऋग्वेद के सलक्षण घनपाठी एवं सभी पूज्य शंकराचार्यो द्वारा विशेष सन्मानित सुब्रमण्यम सलक्षण घनपाठी का आगमन हुवा.इसी श्रृंखला सिद्धपुरुष भगवती उपासक पूज्य दशरथ दादा गुजरात से. काशी के प्रसिद्ध घनपाठी राष्ट्रपती पुरस्कार प्राप्त कृष्णमूर्ती घनपाठी के पुत्र वेंकटरमण घनपाठी काशी का प्रसिद्ध व्यक्तिमत्व. प्रसिद्ध चन्द्रशेखरजी द्राविड.(घनपाठी) राष्ट्रपती पुरस्कार प्राप्त एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ संस्कृत भारती काशी प्रान्त के अध्यक्ष प्रोफेसर एवं काशी विद्वत् परिषद के महामंत्री रामनारायण द्विवेदी बी एच यू .व्याकरण विभाग अध्यक्ष. प्रसिद्ध पद्मश्री डॉ शशांक जोशी डाईबिटीस तज्ञ मुंबई .कोरोना कालमे मा.प्रधानमंत्री जी के वैद्यकीय सलाहगार रुप मे रहे.. मा. सुरेशजी सोनी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं भूतपूर्व सहकार्यवाह वेदप्रेमी धर्मप्रेमी व्यक्तित्व अनेक वेद विज्ञान विषयो पर लेखन का कार्य करने वाले.विवेक गोयनकाजी . इंडियन एक्सप्रेस न्युज समूह के प्रमुख एवं महाराष्ट्र का प्रसिद्ध दिन पत्रिका के समूह प्रमुख धर्मप्रेमी सज्जन. सनातन धर्मसेवक अभिजीत दीक्षित डायरेक्टर ऑफ इंदिरा गांधी इन्स्टिट्यूट वाराणसी.प्रसिद्ध ज्योतिषी अयप्पन, प्रसिद्ध ज्योतिषी सुब्रमण्यम मद्रास.विजय कुमार शर्मा.सामवेद वेदविभाग संपूर्णानंद विश्वविद्यालय वाराणसी गोपाल दत्तात्रय रटाटे प्रसिद्ध वैदिक अथर्ववेद.नीरज झा घनपाठी गुजरात गोकुलजी मृत्यंजयजी योगेश आदि अनेक महानुभावों की उपस्थिति रही।
