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लोकेशन रामपुर
ब्यूरो चीफ रफीउल्लाह खान की रिपोर्ट


रामपुर, 25 जून 2026।
बार एसोसिएशन रामपुर की एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को बार सभागार में आयोजित की गई, जिसमें तहसील सदर रामपुर के अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं एवं अन्य सहयोगी जनों ने प्रदेश में लागू किए गए ई-पंजीकरण मॉड्यूल/आदेश का विरोध करते हुए अपनी चिंता व्यक्त की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ई-पंजीकरण प्रणाली लागू होने से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं तथा टाइपिस्टों के समक्ष रोजगार और आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। उन्होंने आशंका जताई कि ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से अनाधिकृत एवं गैर-कानूनी संस्थाओं अथवा व्यक्तियों द्वारा दस्तावेज तैयार किए जाने की संभावना बढ़ेगी, जिससे पंजीकरण संबंधी त्रुटियां बढ़ेंगी और भविष्य में नए विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।
अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों एवं आम नागरिकों के पास तकनीकी संसाधनों और आवश्यक जानकारी का अभाव है, जिसके कारण उन्हें कठिनाइयों और संभावित शोषण का सामना करना पड़ सकता है। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में मांग की कि जनविरोधी एवं अधिवक्ता विरोधी ई-पंजीकरण मॉड्यूल/आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
बार एसोसिएशन रामपुर ने प्रदेश के शाहाबाद, मिलक सहित अन्य तहसीलों में चल रहे आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए प्रस्ताव पारित किया। साथ ही निर्णय लिया गया कि यदि सरकार द्वारा ई-पंजीकरण मॉड्यूल/आदेश वापस नहीं लिया जाता है तो बार एसोसिएशन रामपुर भी आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेगी और अधिवक्ताओं के समर्थन में संघर्ष करेगी।
बैठक के उपरांत बार एसोसिएशन रामपुर की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार में स्टांप एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल को जिलाधिकारी रामपुर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में ई-पंजीकरण व्यवस्था को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई तथा चेतावनी दी गई कि मांगों पर विचार न होने की स्थिति में संगठन व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा।
बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन रामपुर के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद लोधी ने की, जबकि संचालन एवं ज्ञापन प्रस्तुत करने में महासचिव उस्मान खां एडवोकेट की प्रमुख भूमिका रही।
